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अमरनाथ यात्रा पर NGT के आदेश पर फूटा गुस्‍सा, लोगों ने कहा-यह तुगलकी फरमान

पवित्र अमरनाथ गुफा को साइलेंट जोन घोषित करते हुए एक सीमा से आगे जयकारों-मंत्रोच्‍चार पर रोक लगाने का नेशनल ग्रीन ट्रिब्‍यूनल (NGT)का आदेश हिंदू संगठनों, धर्मगुरुओं और धार्मिक अनुयायियो को नागवार गुजरा है.

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अमरनाथ यात्रा पर NGT के आदेश पर फूटा गुस्‍सा, लोगों ने कहा-यह तुगलकी फरमान

अमरनाथ यात्रा को लेकर NGT के आदेश का जमकर विरोध हो रहा है

खास बातें

  1. एक सीमा से आगे जयकारों-मंत्रोच्‍च्‍चार पर लगाई गई है रोक
  2. एनजीटी ने कहा, पर्यावरण को ध्‍यान में रखकर दिया आदेश
  3. हिंदू संगठनों ने इसे धार्मिक मामलों में हस्‍तक्षेप करार दिया
नई दिल्‍ली: पवित्र अमरनाथ गुफा को साइलेंट जोन घोषित करते हुए एक सीमा से आगे जयकारों-मंत्रोच्‍चार पर रोक लगाने का नेशनल ग्रीन ट्रिब्‍यूनल (NGT)का आदेश हिंदू संगठनों, धर्मगुरुओं और धार्मिक अनुयायियो को नागवार गुजरा है. उन्‍होंने इस आदेश को 'फतवा' करार देते हुए कहा है कि एनजीटी को ऐसे तुगलकी फरमान जारी करने का कोई अधिकार नहीं है.एनजीटी के अनुसार, उसने आसपास के क्षेत्र के पर्यावरण को हो रहे नुकसान को ध्‍यान में रखते हुए यह फैसला दिया है. एनजीटी प्रमुख जस्टिस स्वतंत्र कुमार की पीठ ने कहा कि अमरनाथ श्राइन बोर्ड,गुफा के आसपास पर्याप्त बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करेगा कि भजन-कीर्तन और जयकारों के कारण गुफा की शांति तथा पारिस्थितिकी संतुलन न बिगड़े. गुफा के आसपास के क्षेत्र को साइलेंस जोन घोषित करने से हिमस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं को रोकने में मदद मिलेगी. बहरहाल, हिंदू संगठनों को यह तर्क रास नहीं आ रहा. उन्‍होंने इसे धार्मिक मामलों में हस्‍तक्षेप करार किया है.

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मामले को तूल पकड़ता देखकर एनजीटी ने सफाई देते हुए कहा है कि अमरनाथ यात्रा के दौरान मंत्रोच्‍चारण और आरती पर किसी तरह की रोक नहीं लगाई गई है लेकिन विरोध रुकने का नाम नहीं ले रहा. सबसे तीखी प्रतिक्रिया विश्‍व हिंदू परिषद की ओर से आई है. विहिप के अनुसार,  एनजीटी अमरनाथ मंदिर में पूजा पद्धति पर रोक लगाने की कोशिश कर रहा है. धरती पर हर प्राकृतिक संकट के लिए अकेले हिंदू जिम्मेदार नहीं हैं. धर्मगुरु श्रीश्री रविशंकर ने फैसले को लेकर ट्वीट करते हुए कहा कि एनजीटी के आदेश के लेकर हमें आमलोगों की तीखी प्रतिक्रिया मिल रही है.मेरी इस बारे में अमरनाथ श्राइन बोर्ड के चेयरपर्सन से बात की है.इस मुद्दे पर चर्चा के लिए हम बोर्ड के साथ इमरजेंसी बैठक करेंगे.उन्‍होंने कहा कि बिना घंटी बजाए और मंत्रोच्‍चार-जयकारों के बिना कोई पूजा नहीं हो सकती.

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सोशल मीडिया पर भी इस मसले पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. एक यूजर ने अपना रोष जाहिर करते हुए लिखा, दीपावली पर पटाखे नहीं, होली पर पानी नहीं, अमरनाथ में मंत्रोच्‍चार और घंटिया नहीं है. यह तो हद है. एक अन्‍य शख्‍स ने ट्वीट में लिखा, लश्‍करे तैयबा और तालिबान भी जयकारे लगाने से मना करते हैं और आप भी, फिर आपमें और उनमें फर्क क्‍या रहा गया?

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दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता तजिंदर बग्गा ने ट्वीट करते हुए एनजीटी पर निशाना साधा है. उन्‍होंने लिखा है, 'एनजीटी एंटी हिंदू एजेंडा चला रही है.आर्ट ऑफ लिविंग से लेकर दिवाली, मंदिर की घंटियों से लेकर अब अमरनाथ यात्रा. एनजीटी को अपना एंटी हिंदू एजेंडा रोक देना चाहिए.'

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कुल मिलाकर  बर्फानी बाबा की यात्रा से जुड़े इस आदेश के बाद एनजीटी  निशाने पर है. सरकार से इस मामले में दखल की मांग की गई है.लोगों का मानना है कि आदेश उनके धार्मिक मामले में दखल की तरह है.


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