वाइस एडमिरल बिमल वर्मा ने नए बनने वाले नेवी चीफ के खिलाफ दोबारा दायर की याचिका, आज होगी सुनवाई

मौजूदा नौसेना प्रमुख एडिमरल सुनील लांबा 31 मई को रिटायर हो रहे है.

वाइस एडमिरल बिमल वर्मा ने नए बनने वाले नेवी चीफ के खिलाफ दोबारा दायर की याचिका, आज होगी सुनवाई

बिमल वर्मा (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

वाइस एडमिरल बिमल वर्मा (Bimal Verma) ने आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल में नये बनने वाले नौसेना प्रमुख वाइस एडमिरल करमबीर सिंह के खिलाफ फिर से नई याचिका दायर की है.  ट्रिब्यूनल में बुधवार को वर्मा की इस याचिका पर सुनवाई होगी.  नई याचिका पिछले हफ्ते सरकार से मिले जवाब पर आधारित होगी कि आखिर क्यों वर्मा को नेवी चीफ नहीं बनाया गया है. सूत्रों के मुताबिक वर्मा ने ट्रिब्यूनल से ये अनुरोध किया है कि वह उनकी और सिंह के सर्विस रिकॉर्ड को मंगवाकर देखें और तय करें कि कहीं किसी बाहरी दवाब में आकर ये फैसला तो नहीं लिया गया है. 

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अंडमान निकोबार कमांड के प्रमुख वाइस एडमिरल बिमल वर्मा ने नए होने वाले नौसेना प्रमुख वाइस एडमिरल करमबीर सिंह की नियुक्ति को चुनौती दी है. शनिवार को ही रक्षा मंत्रालय ने वाइस एडमिरल बिमल वर्मा की वैधानिक याचिका खारिज़ कर दी थी. बिमल वर्मा का कहना है कि वो करमबीर सिंह से छह महीने सीनियर है इसलिए उन्हें नौसेना प्रमुख बनाया जाए. सरकार का कहना है कि केवल वरिष्ठता के आधार ही प्रमुख नहीं बनाया जा सकता है, बल्कि दूसरे मापदंड भी मायने रखते है.  सूत्रों के मुताबिक वाइस एडमिरल वर्मा को नेवी चीफ ना बनाये जाने के पीछे का आधार उनका ऑपरेशनल कमांड का अनुभव का ना होना, नेवी वॉर रूम लीक में उनके खिलाफ की गई टिप्पणी और पीवीएसएम का ना मिलना है.  

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वर्मा की बेटी रिया वर्मा ने एनडीटीवी से कहा कि हम सरकार के फैसले से संतुष्ट नही है . हमें लगता है कि हमारे साथ अन्याय हुआ है और ये खतरनाक चलन है जिसमें जूनियर को चीफ बनाया जा रहा है. मौजूदा नौसेना प्रमुख एडिमरल सुनील लांबा 31 मई को रिटायर हो रहे है. उसके बाद ही वाइस एडमिरल करमबीर सिंह  नौसेना प्रमुख का पदभार संभालेंगे.

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वैसे सेना में अमूनन वरिष्ठता के आधार पर ही चीफ बनाया जाता है लेकिन मौजूदा सरकार ने  दिसंबर 2016 में थल सेना प्रमुख के तौर जनरल बिपिन रावत की नियुक्ति की, जबकि उनसे दो वरिष्ठ लेफ्टिनेंट जनरल मौजूद थे.  सेना के इतिहास में ये पहला मौका है, जब किसी लेफ्टिनेंट जनरल  रैंक के अफसर ने चीफ के नियुक्ति के मसले पर सरकार के फैसले को कोर्ट में चुनौती दी है.