वरिष्‍ठता के बावजूद नौसेना प्रमुख नहीं बनाए गए वाइस एडमिरल बिमल वर्मा रक्षा मंत्रालय गए

वाईस एडमिरल वर्मा ने कहा, फैसले पर फिर से विचार हो क्योंकि वे वरिष्ठ होने की वजह से इस पद के लिए सबसे उपयुक्त

वरिष्‍ठता के बावजूद नौसेना प्रमुख नहीं बनाए गए वाइस एडमिरल बिमल वर्मा रक्षा मंत्रालय गए

वाइस एडमिरल करमबीर सिंह से वाइस एडमिरल वर्मा सीनियर हैं.

नई दिल्ली:

अंडमान निकोबार कमांड के चीफ वाईस एडमिरल चीफ बिमल वर्मा ने रक्षा मंत्रालय में ईस्टन नेवल कमांड के प्रमुख वाइस एडमिरल करमबीर सिंह के नये नौसेना प्रमुख बनाये जाने को लेकर स्टेचेरी कंप्लेन यानी वैधानिक शिकायत की. इसमें सरकार से वाईस एडमिरल वर्मा ने कहा, 'वो अपने फैसले पर फिर से विचार करें क्योंकि वो वरिष्ठ होने की वजह से इस पद के लिये सबसे उपयुक्त हैं. अगर उन्हें नहीं चुना जाता है तो इसकी वजह भी उन्हें बताई जाए.

सरकार ने 31 मई को मौजूदा नौसेना प्रमुख सुनील लांबा के रिटायरमेंट के बाद वाईस एडमिरल करमबीर सिंह को नए नौसेना प्रमुख के तौर पर मंजूरी दी है. वाईस एडमिरल वर्मा वाईस एडमिरल सिंह से छह महीना सीनियर हैं. वैसे सेना में अमूनन वरीष्ठता के आधार पर ही चीफ बनाया जाता है लेकिन मौजूदा सरकार ने दिसंबर 2016 में थल सेना प्रमुख के तौर जनरल बिपिन रावत की नियुक्ति की जबकि उनसे दो वरिष्ठ लेफ्टिनेंट जनरल मौजूद थे. उस वक्‍त तर्क दिया गया था कि सरकार वरिष्ठता के बजाय मेरिट को महत्व देती है.

सेना के इतिहास में ये पहला मौका है जब चीफ के पद पर नियुक्ति को लेकर लेफ्टिनेंट जनरल रैंक का अफसर पहले ट्रिब्यूनल और उसके बाद सरकार के पास उसके ही फैसले को लेकर सवाल उठा रहा है.

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