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केदारनाथ में सफाई शुरू, मंदिर के 500 मीटर दायरे में निर्माण नहीं

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केदारनाथ में सफाई शुरू, मंदिर के 500 मीटर दायरे में निर्माण नहीं

खास बातें

  1. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने बताया कि पिछले महीने आई प्राकृतिक आपदा से सर्वाधिक प्रभावित हुए केदारनाथ से मलबा हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया है और मंदिर के 500 मीटर के दायरे में कोई निर्माण नहीं होने दिया जाएगा।
देहरादून:

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने बताया कि पिछले महीने आई प्राकृतिक आपदा से सर्वाधिक प्रभावित हुए केदारनाथ से मलबा हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया है और मंदिर के 500 मीटर के दायरे में कोई निर्माण नहीं होने दिया जाएगा।

बहुगुणा ने यह जानकारी कल शाम पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के साथ उनसे मिलने आए श्री केदारनाथ तीर्थ पुरोहित समाज के प्रतिनिधियों को दी।

पुरोहित समाज ने मुख्यमंत्री को बताया कि केदारघाटी के लोग अपनी रोजी रोटी के लिए किसी न किसी रूप में केदारनाथ यात्रा से जुड़े हैं, इसलिये मंदिर में सफाई कराके जल्द से जल्द पूजा शुरू की जाए।

एक सरकारी विज्ञप्ति के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने बताया कि मंदिर समिति के कुछ लोगों को हेलीकॉप्टर से केदारनाथ भेजकर मंदिर की सफाई का कार्य आरंभ करा दिया गया है ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारी मात्रा में एकत्र हुए मलबे को हटाने एवं ध्वस्त हुए भवनों को गिराने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और भारतीय भूगर्भ सर्वेक्षण (जीएसआई) के विशेषज्ञों के साथ इंजीनियरिंग प्रोजक्ट्स इंडिया लिमिटेड द्वारा कार्य किया जाना है।


इसके लिए वहां पर एमआई-26 हेलीकॉप्टर से उपकरण पहुंचाये जाएंगे। बहुगुणा ने कहा कि क्षतिग्रस्त संपत्तियों के ध्वस्तीकरण से पहले उनकी वीडियोग्राफी कर नंबरिंग की जाएगी ताकि यह पता चल सके कि संपत्ति किसकी है।

उन्होंने कहा कि सफाई करने के बाद क्षेत्र में पर्यावरण व वैज्ञानिक आधार पर जीएसआई और एएसआई की राय पर पुनर्निर्माण कार्य आरंभ किया जाएगा। जिसकी वहां पर संपत्ति रही होगी, पुनर्निर्माण में जो मकान बनाए जाएंगे, उसमें उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने साफ किया कि अब मंदिर के 500 मीटर क्षेत्र में कोई निर्माण नहीं होगा। तीर्थ पुरोहित समाज ने मुख्यमंत्री को अपनी समस्याओं से संबंधित एक ज्ञापन भी सौंपा और कहा कि क्षेत्र की सफाई व्यवस्था व क्षतिग्रस्त भवनों के ध्वस्तीकरण के दौरान तीर्थ पुरोहितों को भी विश्वास में लिया जाए तथा पुनर्वास की व्यवस्था की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयास किया जा रहा है कि मंदिर समिति द्वारा सावन में ही मंदिर में पूजा का काम शुरू कर दिया जाए।

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उन्होंने कहा कि केदारनाथ सहित सभी धामों में आने व जाने के अलग-अलग रास्ते बनाअ जाएंगे ताकि इस प्रकार की आपदा के समय राहत कार्यों में परेशानी न हो।

बहुगुणा ने कहा कि प्रदेश में शीघ्र ही लगभग 1100 पुलिस जवानों की भर्ती प्रक्रिया आरंभ होगी, जिसमें प्रदेश के लापता हुए लोगों के योग्य बच्चों की नियुक्ति के संबंध में विचार किया जायेगा।



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