क्या है हैप्पीनेस क्लास? जिसके बारे में जानने आ रही हैं मेलेनिया ट्रंप

दिल्ली की अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) सरकार तीसरी बार सत्ता में आई है और सत्ता में आते ही उसके लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी आ गई है.

क्या है हैप्पीनेस क्लास? जिसके बारे में जानने आ रही हैं मेलेनिया ट्रंप

प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली:

दिल्ली की अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) सरकार तीसरी बार सत्ता में आई है और सत्ता में आते ही उसके लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी आ गई है. खुशखबरी यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की पत्नी मेलानिया ट्रंप (Melania Trump) मंगलवार 25 फरवरी को दिल्ली सरकार के सरकारी स्कूल का दौरा करेंगी और इस दौरान हैप्पीनेस करिकुलम का जायजा लेंगी. हालांकि इस दौरे पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया उनके साथ नहीं होंगे.

बताया जा रहा है कि यह कार्यक्रम दक्षिण दिल्ली के सरकारी स्कूल में आयोजित किया जाएगा. करीब एक घंटे का समय मेलानिया ट्रंप सरकारी स्कूल के बच्चों के साथ बिताएंगी और देखेंगी कि केजरीवाल सरकार का हैप्पीनेस करिकुलम कैसे बच्चों को तनाव और अवसाद मुक्त करता है.

क्या है हैप्पीनेस करिकुलम?

हैप्पीनेस करिकुलम दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार का वह पाठ्यक्रम है जो शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया की पहल पर सरकारी स्कूलों में लागू किया गया है. इसके तहत नर्सरी से आठवीं तक के बच्चों को रोजाना पहला पीरियड यानी 40 मिनट में हैप्पीनेस पर ध्यान दिया जाता है. हैप्पीनेस करिकुलम के तहत बच्चों को मेडिटेशन कराया जाता है, ज्ञानवर्धक और नैतिकता संबंधित कहानियां सुनाई जाती हैं.

सबसे बड़ी बात है कि इसमें आखरी में बच्चे को परीक्षा नहीं देनी होती. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया का दावा है कि इससे बच्चे पढ़ाई में पहले से ज्यादा ध्यान लगा रहे हैं अपने माता-पिता और अध्यापकों की पहले से ज्यादा इज्जत कर रहे हैं और तनावमुक्त होकर पढ़ाई पर ध्यान दे रहे हैं.

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'हैप्पीनेस करिकुलम' के तहत नर्सरी से लेकर 8वीं क्लास तक के बच्चों को भावनात्मक रूप से मजबूत करना है. स्कूलों में हर रोज करीब 45 मिनट का 'हैप्पीनेस' क्लास है. इस क्लास की शुरुआत 5 मिनट के मेडीटेशन के साथ होती है.

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'हैप्पीनेस करिकुलम' कोर्स में बच्चों को कहानियों के जरिए अच्छी बातें सिखाई जाती है. सरकार इस योजना पर एक किताब भी जारी की है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि मेडिटेशन बच्चों को गुस्सा, नफरत और ईर्ष्या जैसी नकारात्मक भावनाओं से बचाए रखेगा.