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क्या है भारतीय सेना का कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रीन, जिसके लिए पाकिस्तान को बनाना पड़ा परमाणु बम

संसद पर हुए हमले के बाद Operation पराक्रम चलाया गया था, और उसके तुरंत बाद से ही 'कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रीन' भारतीय सेना ने अपना रखा है, और इसी हिसाब से लगभग पूरी सीमा पर सेना की तैनाती कर रखी है.

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क्या है भारतीय सेना का कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रीन, जिसके लिए पाकिस्तान को बनाना पड़ा परमाणु बम

भारतीय सेना के कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रीन के बारे में जानें...

नई दिल्ली: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी ने कहा कि भारतीय सेना के ‘कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रिन’ से निपटने के लिए उनके देश ने छोटी दूरी के परमाणु हथियार विकसित कर लिए हैं. अब्बासी ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के परमाणु शस्त्रागार सुरक्षित हैं. कोल्ड स्टार्ट पाकिस्तान के साथ संभावित युद्ध के लिए भारत की सशस्त्र सेनाओं द्वारा विकसित किया गया सैन्य डॉक्ट्रिन है. 


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आइये जानते हैं कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रीन का मतलब क्या है

'कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रीन' (Cold Start Doctrine) भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ संभावित युद्ध को ध्यान में रखकर विकसित किया गया सैन्य सिद्धांत है, जिसके तहत आदेश मिलने के बाद 48 घंटे के भीतर हमला किया जा सकता है.

इतने कम समय में हमला करने से भारतीय सेना पाकिस्तानी सेना को आश्चर्यचकित कर देगी. इस पद्धति में भारतीय सेना के विभिन्न हिस्सों को आक्रमण के लिए एकीकृत करने पर जोर दिया गया है. इस तरह का अभियान पंजाब और राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों से चलाया जाएगा. 'कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रीन' का उद्देश्य युद्ध की स्थिति में पाकिस्तान को परमाणु हमला करने से रोकना है, क्योंकि उसे ज़रा भी समय नहीं देना है.

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संसद पर हुए हमले के बाद Operation पराक्रम चलाया गया था, और उसके तुरंत बाद से ही 'कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रीन' भारतीय सेना ने अपना रखा है, और इसी हिसाब से लगभग पूरी सीमा पर सेना की तैनाती कर रखी है, ताकि वक्त पड़ने पर सेना को मोबिलाइज़ करने में वक्त न गंवाना पड़े. सेना इसके लिए समय-समय पर तैनाती में बदलाव करती रहती है, और पोखरन में इसके लिए अभ्यास होता रहता है.


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