NDTV Khabar

पीएम नरेंद्र मोदी का नीतीश कुमार की तारीफ करने का क्या है राजनीतिक अर्थ

मोतिहारी में सीएम नीतीश कुमार ने स्वच्छता के बहाने बता दिया कि उन्हें और भाजपा को कैसी करनी चाहिए राजनीति

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
पीएम नरेंद्र मोदी का नीतीश कुमार की तारीफ करने का क्या है राजनीतिक अर्थ

पीएम नरेंद्र मोदी के साथ सीएम नीतीश कुमार.

खास बातें

  1. मोदी ने कई बार नीतीश कुमार का नाम लेकर तारीफ की
  2. नीतीश ने दिखाई लक्ष्मण रेखा, जता दिया कि राजनीति किन शर्तों पर
  3. मोदी का बीजेपी को परोक्ष संदेश, साथ चलना है इसलिए तकरार न हो
मोतिहारी (बिहार): अक्सर आपको राजनेता यह कहते हुए सुनने को मिलेंगे कि राजनीति में कोई काम बिना मकसद और बिन सोचे समझे नहीं किया जाता. जैसे मंगलवार को बिहार के मोतिहारी में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वच्छता के बहाने बताया कि उनके हिसाब से उन्हें और भाजपा को राजनीति कैसी करनी चाहिए. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक से ज़्यादा बार नीतीश कुमार का नाम लेकर उनकी तारीफ की. इसको लेकर अपने-अपने तरह से कयास लगाए जा रहे हैं.

नीतीश कुमार ने क्या कहा
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने भाषण में कहा स्वच्छता के साथ हमें एक-दूसरे की इज्जत करनी चाहिए. प्रेम और सद्भाव से देश आगे बढ़ सकता है. तनाव और टकराव से देश आगे नहीं बढ़ सकता.

पीएम मोदी ने जवाब में क्या कहा
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार और सुशील मोदी कंधे से कंधा मिलाकर विकास का काम कर रहे हैं. केंद्र और राज्य सरकार की नीतियां और रणनीतियां एक-दूसरे की पूरक हैं. इसके बाद मोदी ने कहा कि कुछ विरोधी जन-जन को तोड़ने का काम कर रहे हैं. इसी संदर्भ में फिर मोदी ने नीतीश की चर्चा करते हुए कहा कि बिहार में जैसे असामाजिक तत्वों से लड़ रहे हैं वह आसान नहीं है. उन्होंने धैर्य और कुशल प्रशासन से सामाजिक सद्भाव को कायम रखा. इसके अलावा प्रधानमंत्री ने नीतीश कुमार के भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इसको भी केंद्र का पूरा समर्थन है.

यह भी पढ़ें : नीतीश के दिल की बात के बाद पीएम मोदी ने की जमकर तारीफ

हालांकि इससे पूर्व भाषण के दौरान बिहार में पिछले एक हफ़्ते के दौरान साढ़े आठ लाख शौचालय के निर्माण पर भी मोदी ने नीतीश की पीट थपथपाते हुए कहा कि इस रफ़्तार से केंद्र के लक्ष्य को बिहार छू पाएगा.
 
nitish kumar pm modi

मोदी का तारीफ करना और नीतीश की नसीहत का मतलब
नीतीश ने भाषण में मंच पर बैठे सभी नेताओं को जता दिया कि लक्ष्मण रेखा और राजनीति किन शर्तों पर होगी. उनके निशाने पर प्रधानमंत्री मोदी से ज़्यादा भाजपा के गिरिराज सिंह और अश्विनी चौबे जैसे केंद्रीय मंत्री रहे होंगे, जो मंच पर मौजूद थे और जिन्होंने हाल में अपने बयानों से राज्य सरकार की किरकिरी ज़्यादा करवाई है.

टिप्पणियां
VIDEO : स्वच्छता के लिए पीएम मोदी का आग्रह

वहीं मोदी ने तारीफ की तो इससे साफ है कि उन्हें इस बात का अंदाजा है कि नीतीश कई मुद्दों पर खुश नहीं हैं. लेकिन फिलहाल उन्हें ज़्यादा नाराज़ भी नहीं किया जा सकता. दूसरा अपने पार्टी के नेताओं को भी मोदी ने संदेश दिया कि फिलहाल नीतीश के साथ चलना है, इसलिए तकरार और तनाव से बचिए. गठबंधन मजबूरी है, लेकिन अगले साल के लोकसभा चुनाव तक मजबूरी है. इसलिए नीतीश जैसे नेताओं को नाख़ुश फ़िलहाल नहीं किया जा सकता.


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

विधानसभा चुनाव परिणाम (Election Results in Hindi) से जुड़ी ताज़ा ख़बरों (Latest News), लाइव टीवी (LIVE TV) और विस्‍तृत कवरेज के लिए लॉग ऑन करें ndtv.in. आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.


Advertisement