COVID-19 के खिलाफ लड़ाई में विपक्षी पार्टी ने क्या किया : अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ लड़ाई को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाने वालों पर पलटवार करते हुए कहा कि इस जंग में मुख्य विपक्षी पार्टी ने अमेरिका, स्वीडन में लोगों से बात करने, इंटरव्यू लेने के अलावा और क्या किया?

COVID-19 के खिलाफ लड़ाई में विपक्षी पार्टी ने क्या किया : अमित शाह

कोरोना महामारी को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाने को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्षी दलों पर पलटवार किया. (फाइल फोटो)

खास बातें

  • केंद्र सरकार पर सवाल उठाने को लेकर विपक्षी दलों पर किया पलटवार
  • कहा- विपक्षी दलों ने इंटरव्यू लेने के अलावा और क्या किया
  • एक राष्ट्र, एक जन और एक मन’ के साथ कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई को आगे बढ़ाया
नई दिल्ली:

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ लड़ाई को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाने वालों पर सोमवार को पलटवार करते हुए कहा कि इस जंग में मुख्य विपक्षी पार्टी ने अमेरिका, स्वीडन में लोगों से बात करने, इंटरव्यू लेने के अलावा और क्या किया? शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एक राष्ट्र, एक जन और एक मन' के साथ कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई को आगे बढ़ाया जिसकी वजह से आज भारत, दुनिया में अच्छी स्थिति में है.  ओडिशा के लिए एक ‘डिजिटल रैली' को संबोधित कर रहे शाह ने कहा, ‘विपक्ष के कुछ नेता हम पर सवाल उठाते हैं. लेकिन खुद उन्होंने क्या किया? कोई स्वीडन में, कोई अमेरिका में लोगों से बात करता है, इसके अलावा और क्या किया आपने?'

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कोविड-19 संकट में जरूरतमंदों को त्वरित सहायता के लिए 1.7 लाख करोड़ रुपये दिए. गृह मंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा का जिक्र करते हुए कहा कि पहले तो आतंकी हमला होने पर दिल्ली का दरबार चुप रह जाता था. ‘हमारे वक्त में जब उरी में, पुलवामा में हमला हुआ तो प्रधानमंत्री ने तनिक भी देर नहीं की... एयर स्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक कर जवाब दिया गया.'  उन्होंने कहा, ‘आज भारत की सीमा पर किसी भी घुसपैठ का जवाब दिया जाएगा. कुछ लोग कहते थे कि अमेरिका, इस्राइल ही ऐसे देश हैं जो अपने सैनिकों के खून के हर कतरे का बदला लेने में सक्षम हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने इस सूची में भारत का नाम जोड़ा है. मोदी सरकार भारत की सम्प्रभुता की सुरक्षा को प्रतिबद्ध है.'

आत्मनिर्भर भारत पर जोर देते हुए शाह ने कहा, ‘ऐसा भारत, जिसके 130 करोड़ लोग भारतीय चीजों का ही उपयोग करें। मैं जनता से यह संकल्प लेने की अपील करता हूं कि जहां तक हो, हम भारत में बनी हुई चीजों का ही उपयोग करेंगे.' शाह ने वर्षों से अदालत में लंबित राम जन्मभूमि विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने दोबारा बहुमत मिलने के बाद सटीक तरीके से न्यायालय में अपना पक्ष रखा और राम जन्मभूमि के पक्ष में फैसला आने पर ट्रस्ट का गठन कर मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया. पूर्व भाजपा अध्यक्ष ने बताया कि इस तरह की 75 डिजिटल रैलियों के माध्यम से पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा समेत भाजपा के अनेक नेता जनता से संवाद करेंगे.

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कोरोना वायरस संकट के कारण लागू लॉकडाउन के दौरान प्रवासी श्रमिकों को पेश आई समस्याओं को लेकर शाह ने कहा कि वह प्रवासी श्रमिकों के कष्ट को समझते हैं और उनकी सुरक्षा केंद्र की सर्वोच्च प्राथमिकता है. कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार, वंशवाद, जातिवाद, तुष्टिकरण की राजनीति करना ये कांग्रेस की परंपरा रही है. शाह ने कहा, ‘कांग्रेस के शासन में 60 करोड़ लोगों के पास बैंक खाते नहीं थे. जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे तब उन्होंने क्षेत्रीय समग्र आर्थिक गठजोड़ (आरईसीपी) संबंधी वार्ता की शुरुआत की थी. अगर आरईसीपी पर दस्तखत हो जाते तो इस देश के छोटे व्यापारी, उद्यमी, पशुपालक, किसान, मत्स्य उद्योग सब बदहाल हो जाते.'

उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी ने आरईसीपी की बैठक में कहा कि ये देश गांधी का देश है. हमें गरीब, किसान, छोटे मजदूर और मछुआरे भाइयों के हित की सोचना होगा. इस तरह हम आरईसीपी से बाहर हुए और आज हर छोटे व्यापारी, उद्यमी राहत महसूस कर रहे हैं.' शाह ने जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जा संबंधी अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधानों को समाप्त करने का जिक्र भी किया. 



(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)