व्हाट्सऐप जासूसी मामले में सुप्रीम कोर्ट में दो दिसंबर को सुनवाई

पूर्व RSS विचारक केएन गोविंदाचार्य ने इस मामले में याचिका दाखिल की, सीजेआई एसए बोबडे की पीठ मामले की सुनवाई करेगी

व्हाट्सऐप जासूसी मामले में  सुप्रीम कोर्ट में दो दिसंबर को सुनवाई

व्हाट्सऐप जासूसी मामले में सुप्रीम कोर्ट में दो दिसंबर को सुनवाई होगी.

नई दिल्ली:

व्हाट्सऐप जासूसी मामले में सुप्रीम कोर्ट दो दिसंबर को सुनवाई करेगा. सीजेआई एसए बोबडे की पीठ मामले की सुनवाई करेगी. पूर्व RSS विचारक केएन गोविंदाचार्य ने इस मामले में याचिका दाखिल की है. याचिका में व्हाट्सऐप, फेसबुक और NSO पर FIR दर्ज करने और NIA को जांच के आदेश देने की मांग की गई है. याचिका में कहा गया है कि व्हाट्सऐप पर सुप्रीम कोर्ट में यह झूठी जानकारी देने पर पर जूरी का केस चलाया जाए कि व्हाट्सऐप डेटा इनक्रिप्ट है और व्हाट्सऐप के पास भी नहीं है.

याचिका में सुप्रीम कोर्ट से मांग की गई है कि केंद्र सरकार को आदेश दिया जाए कि वह तुरंत Pegasus या अन्य किसी एप्लीकेशन के जरिए सर्विलांस बंद करे.याचिका में यह भी कहा गया है कि अमेरिका सहित कई देशों में कड़े जुर्माने और सजा का प्रावधान है, लेकिन भारत में निजता के अधिकार का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती.

कुछ दिन पहले ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख एवं हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने ‘जासूसी' विवाद को लेकर केंद्र पर निशाना साधा था. उन्होंने मांग की थी कि सरकार इजराइल से पूछे कि उसकी प्रौद्योगिकी कंपनी ने भारतीयों की व्हाट्सऐप बातचीत कैसे सुनी. एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि इजराइली राजदूत को तलब किया जाना चाहिए और मामले में सवाल किया जाना चाहिए.

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उन्होंने कहा, ‘‘अब यह पता चला है कि एक इजराइली कंपनी ने व्हाट्सऐप की बातचीत सुनी. इजराइली राजदूत को तलब किया जाना चाहिए और पूछा जाना चाहिए कि उनकी कंपनी ने हमारे फोन क्यों सुने? लेकिन आप (सरकार) इजराइली कंपनी से नहीं पूछ रहे हैं, इसके बजाय आप व्हाट्सऐप से सवाल कर रहे हैं. आप पूछने से डर क्यों रहे हैं.'' फेसबुक के स्वामित्व वाली व्हाट्सऐप ने कहा कि इजराइली स्पाईवेयर ‘पेगासस' का इस्तेमाल करके अज्ञात इकाइयों द्वारा वैश्विक स्तर पर जासूसी की गई. भारत के कुछ पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता भी इस जासूसी का शिकार बने हैं.

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व्हाट्सऐप ने कहा है कि वह एनएसओ ग्रुप के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रहा है. यह इजराइली कंपनी है जो निगरानी करने का काम करती है. समझा जाता है कि यह कंपनी उस प्रौद्योगिकी के पीछे है, जिसके जरिए जासूसों ने करीब 1400 लोगों के फोन हैक किए हैं. इस खुलासे के बाद भारतीय सरकार ने व्हाट्सऐप से यह मामला समझाने और यह बताने के लिए भी कहा है कि उसने लाखों भारतीयों की निजता की रक्षा के लिए क्या उपाय किए हैं.

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