...जब मुंबई फिल्म स्टूडियो में मीना कुमारी को नहीं पहचान पाए थे लाल बहादुर शास्त्री!

देश के तत्कालीन गृह मंत्री लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri) उस वक्त अभिनेत्री मीना कुमारी (Meena kumari) को पहचानने में विफल रहे...

...जब मुंबई फिल्म स्टूडियो में मीना कुमारी को नहीं पहचान पाए थे लाल बहादुर शास्त्री!

अभिनेत्री मीना कुमारी पहचान नहीं पाए थे लाल बहादुर शास्त्री.

खास बातें

  • कुलदीप नैयर की किताब में किया गया घटना का जिक्र
  • मुंबई फिल्म स्टूडियो में एक कार्यक्रम में हुए थे शामिल
  • कुलदीप नैयर ने निधन से पहले लिखी थी किताब
नई दिल्ली:

देश के तत्कालीन गृह मंत्री लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri) उस वक्त अभिनेत्री मीना कुमारी (Meena kumari) को पहचानने में विफल रहे जब उन्होंने उन्हें माला पहनाई और बाद में शास्त्री जी ने अपने पास बैठे पत्रकार कुलदीप नैयर से पूछा कि यह महिला कौन है. यह वाकया मुंबई फिल्म स्टूडियो में एक कार्यक्रम का है जहां फिल्म 'पाकिजा' की शूटिंग की चल रही थी. यह वाकया उस समय हुआ जब मीना कुमारी बतौर अभिनेत्री अपनी सफलता के शिखर पर थी. शास्त्री जी को 'पाकिजा' की शूटिंग देखने के लिए आमंत्रित किया गया था, जिसमें मीना कुमारी नायिका थी.

Meena Kumari Google Doodle: तानाशाह पति के जासूस ने मारा था थप्पड़; मीना कुमारी की लाइफ के 5 खौफनाक सच

महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री का भी इस कार्यक्रम में शामिल होने का दबाव था और लाल बहादुर शास्त्री इनकार नहीं कर सके. फिल्म के सेट पर मीना कुमारी और लाल बहादुर शास्त्री से जुड़े इस वाकये का जिक्र कुलदीप नैयर की नई किताब 'ऑन लीडर एंड आइकॉन: फ्रॉम जिन्ना टू मोदी' में किया गया है. यह किताब नैयर ने पिछले साल अगस्त में अपने निधन से कुछ हफ्ते ही पूरी की थी.

Meena Kumari: फिल्म 'पाकीजा' के बाद 38 साल की उम्र में ली थी अंतिम सांस, जानिए मीना कुमारी के जीवन से जुड़ी 5 खास बातें

इस कार्यक्रम में फिल्म जगत से जुड़ी नामचीन हस्तियों ने शिरकत की थी. नैयर ने लिखा है, 'कई बड़े कलाकार मौजूद थे. मीना कुमारी ने शास्त्री को माला पहनाई. जोरदार तालियां गूंजी. शास्त्री ने मुझसे अपनी धीमी आवाज में पूछा, यह महिला कौन है? मीना कुमारी कहते हुए मैं विस्मय में था. शास्त्री जी ने अपनी अज्ञानता व्यक्त की. फिर भी मैंने उनसे सार्वजनिक तौर पर इसे स्वीकार करने की अपेक्षा कभी नहीं की थी.' 

जब मीना कुमारी को देखकर फिराक ने छोड़ दिया था मुशायरा...

हालांकि, उन्होंने शास्त्री की सरलता और ईमानदारी के लिए उनकी प्रशंसा की है. इस मौके पर शास्त्री जी ने संक्षिप्त भाषण दिया. किताब के अनुसार, 'उन्होंने अपना भाषण की शुरुआत में टिप्पणी के साथ की, 'मीना कुमारीजी मुझे माफ करना, मैंने आपका नाम पहली दफा सुना है.' हिंदी सिनेमा की खुबसूरत अभिनेत्री जो उस वक्त देश के लाखों दिलों की धड़कन थी. पहली पंक्ति में स्थिर बैठी थी और शर्मिंदगी का भाव उनके चेहरे पर था.' 

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

VIDEO: मीना कुमारी की जिंदगी पर किताब

(इनपुट: भाषा)