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रेप के आरोपी चिन्मयानंद यानी कृष्णपाल सिंह का पूरा कच्चा चिट्ठा

लॉ की छात्रा के यौन शोषण के आरोप में चिन्मयानंद (Chinmayanand)को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है.

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रेप के आरोपी चिन्मयानंद यानी कृष्णपाल सिंह का पूरा कच्चा चिट्ठा
नई दिल्ली: चिन्मयानंद पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराने के बाद चिन्मयानंद की जल्द गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा था कि अगर सरकार इंतजार कर रही है कि वह खुद ही मर जाए तो वह खुद पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा लेगी. शुक्रवार की सुबह चिन्‍मयानंद को उनके आश्रम से गिरफ्तार किया गया है. लॉ की छात्रा ने चिन्मयानंद (Chinmayanand) पर यौन शोषण का आरोप लगाया है. इससे पहले एसआईटी प्रमुख नवीन अरोड़ा ने कहा था कि, हमें 23 सितंबर तक पूरी जांच रिपोर्ट इलाहाबाद उच्च न्यायालय को देनी है और वह इस विवेचना में दोनों मामलों में कड़ी से कड़ी जोड़ रहे हैं. इससे पहले चिन्मयानंद की हालत ज्यादा खराब होने की वजह से बुधवार को उन्हें शाहजहांपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था. मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर एम पी गंगवार ने बताया बताया था कि चिन्मयानंद की तबीयत बिगड़ने के कारण मेडिकल कॉलेज लाया गया था, जहां उन्हें आठ नंबर वार्ड में भर्ती किया गया था. डॉक्टर ने उन्‍हें देखा और उन्हें आवश्यक दवाई दी गई. डॉ. गंगवार ने चिन्‍मयानंद के स्‍वास्‍थ्‍य के विषय में बताया था कि उन्‍हें बेचैनी और कमजोरी के अलावा दस्त की समस्या थी. एसआईटी प्रमुख नवीन अरोड़ा ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर मुख्य सचिव ने विशेष जांच टीम बनाई है. उन्होंने कहा कि अपराध संख्या 442 तथा 445, दोनों विवेचना का हमारी टीम ने अवलोकन किया. पुलिस ने जो कार्रवाई की थी, वह भी देखी. उसके बाद योजना बनाकर कार्य शुरू किया गया. इन तमाम घटनाओं के बीच पढ़ें चिन्‍मयानंद के विषय में कुछ प्रमुख जानकारी.
कौन है चिन्मयानंद
  1. चिन्मयानंद का असली नाम कृष्णपाल सिंह है. उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले हैं. चिन्मयानंद राम मंदिर आंदोलन के बड़े नेताओं में शुमार थे. वाजपेयी सरकार में उनको केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बनाया गया था.
  2. चिन्मयानंद ने लखनऊ विश्वविद्यालय से एमए की डिग्री हासिल की थी. चिन्मयानंद का शाहजहांपुर में आश्रम भी है और वहां वह एक लॉ कॉलेज भी चलाते हैं. 
  3. चिन्मयानंद पहली बार बीजेपी के टिकट पर उत्तर प्रदेश की बदायूं लोकसभा सीट से साल 1991 में सांसद चुने गए.  साल 1998 में मछलीशहर और 1999 में जौनपुर से सांसद चुने गए. 
  4. वह गोरखपुर की गोरक्षा पीठ के महंत और पूर्व सांसद अवैद्यनाथ के काफी करीबी थे. यही वजह हो सकती है कि उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ से उनके अच्छे संबंध हैं.
  5. साल 2017 में विधानसभा चुनाव के दौरान चिन्मयानंद योगी आदित्यनाथ को सीएम बनाने की वकालत कर रहे थे.
  6. एसआईटी ने चिन्मयानंद के लॉ कॉलेज स्वामी शुकदेवानंद विधि महाविद्यालय के अभिलेख, खसरा खतौनी भी मांगे हैं. इसके अलावा कुछ छात्रों का शैक्षिक रिकार्ड भी मांगा है. 
  7. इस मामले में पीड़िता के पिता की ओर से कोतवाली शाहजहांपुर में अपहरण और जान से मारने की धाराओं में स्वामी चिन्मयानंद के विरुद्ध मामला दर्ज कराया गया था. 
  8. आपको बता दें कि साल 2011 में भी चिन्मयानंद के खिलाफ शाहजहांपुर में उनकी पूर्व शिष्या साध्वी ने रेप का केस दर्ज कराया था.  साध्वी का कहना था कि वह जब स्वामी के साथ थी तब उन्होंने बलात्कार किया था.

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