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सातवां वेतन आयोग : सैलरी बढ़ने के बावजूद क्यों नाराज हैं रेलवे के कर्मचारी?

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सातवां वेतन आयोग : सैलरी बढ़ने के बावजूद क्यों नाराज हैं रेलवे के कर्मचारी?

प्रतीकात्मक फोटो।

खास बातें

  1. 32 लाख कर्मचारी 11 जुलाई से हड़ताल पर जाएंगे
  2. पीएफ और टैक्स की कटौती बढ़ गई
  3. सरकार के सामने कर्मचारियों को मनाने की चुनौती
नई दिल्ली:

सातवें वेतन आयोग के लागू होने से पहले एक करोड़ से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारियों में बड़ी उत्सुकता थी। कहा गया कि मोटा एरियर मिलेगा। लेकिन क्या सरकारी कर्मचारियों की उम्मीदों पर यह सिफारिशें खरी उतरी हैं?

क्या वजह है कि तीस लाख से ज़्यादा कर्मचारियों ने 11 जुलाई से हड़ताल पर जाने का फैसला किया है? एनडीटीवी की टीम ने इन सवालों का जवाब ढूंढने के लिए उत्तरी रेलवे के हेड ऑफिस बड़ोदा हाउस का दौरा किया और वहां तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों से मुलाकात की।

दस साल में औसतन सालाना 490 रूपये बढ़े
रमन शर्मा और अमित जैन दोनों उत्तर रेलवे में काम करते हैं। रमन शर्मा 36 साल से रेलवे में हैं। अभी डिप्टी चीफ पर्सनल ऑफिसर हैं। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद पहली बार उनकी सैलरी 91823 रुपये से बढ़कर 1,04,100 रुपये हो गई है। इसमें बेसिक सैलरी 96,900 रुपये है और ट्रांसपोर्ट एलाउंस 7200 रुपये है। यानी कुल वेतन 12,277 रुपये बढ़ गया है। लेकिन नए पीएफ कायदों के बाद इनमें से 4918 रुपये पीएफ में और कटेंगे और इनकम टैक्स का अतिरिक्त बोझ 2455 रुपये होगा। यानी उनका कुल टेक होम सिर्फ 4904 रुपये बढ़ा है। रमन शर्मा कहते हैं, "दस साल बाद 4904 रूपये का मतलब है कि मेरी सैलरी पिछले दस साल में औसतन सालाना 490 रूपये बढ़ी है जो काफी कम है"।

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उम्मीद पूरी नहीं हुई
उनके साथ उत्तरी रेलवे में काम करने वाले अमित जैन 29 साल से रेलवे में हैं। एग्जिक्यूटिव इंजीनियर के ओहदे पर हैं। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद अमित जैन की कुल सैलरी 76700 रुपये से बढ़कर 89540 रुपये हो गई है। इसमें बेसिक सैलरी 82340 रुपये है और ट्रांसपोर्ट एलाउंस 7200 रुपये है। यानी सैलरी में कुल बढोतरी 12,840 रुपये की है। लेकिन नए पीएफ कायदों के बाद इनमें से 4290 रुपये पीएफ में और कटेंगे। टैक्स का अतिरिक्त बोझ 2600 रुपये होगा। यानी उनका हर महीने का टेक होम सिर्फ 6050 रुपये बढ़ा है। अमित जैन एनडीटीवी से कहते हैं, "मैं संतुष्ट नहीं हूं। मुझे उम्मीद थी कि मेरा टेक होम 15 से 20 फीसदी बढ़ेगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं।"


यह दोनों अकेले नहीं हैं जो नाराज़ हैं। ऐसे 32 लाख कर्मचारी अब 11 जुलाई से हड़ताल पर जा रहे हैं। अब देखना होगा कि सरकार इस नाराज़गी से कैसे निपटती है।



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