सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा, नेपाल त्रासदी के नाम पर क्यों टले कार्रवाई

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा, नेपाल त्रासदी के नाम पर क्यों टले कार्रवाई

नई दिल्‍ली:

नेपाल त्रासदी के नाम पर कोर्ट की कार्यवाही को टालने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को जमकर फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि सरकार बार-बार मामले को टाल रही है।

सरकार को अदालती कामकाज के बारे में भी सोचना चाहिए क्योंकि ये भी जरूरी काम हैं और त्रासदी के नाम पर कार्रवाई को टालने की मांग कतई जायज नहीं ठहराई जा सकती। सुप्रीम कोर्ट कोलकाता की एक कंपनी की अर्जी पर सुनवाई कर रहा है।

बुधवार की सुनवाई में केंद्र सरकार के वकील ने कहा कि इस मामले में कुछ वक्त चाहिए क्योंकि केबिनेट सचिव अचानक नेपाल में आए भूकंप की वजह से व्यस्त हो गए। इस वजह से वो जवाब तैयार नहीं कर पाए। इस दौरान जस्टिस एआर दवे की अगुवाई वाली बेंच ने सरकार को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि सरकार कैसे बार-बार कोर्ट से सुनवाई टालने के लिए कह सकती है।

नेपाल में हुई त्रासदी पर के नाम पर सुनवाई टालने की मांग को कैसे सही ठहराया जा सकता है। सरकार क्या ये नहीं जानती कि अदालती कामकाज भी जरूरी हैं। सरकार किसी दूसरे काम का हवाला देकर कोर्ट कार्रवाई को लंबित नहीं रख सकती। क्या सरकार इस मसले को सुलझाना नहीं चाहती।

Newsbeep

कोलकाता की एक कंपनी ने कोर्ट में दाखिल अर्जी में कहा है कि सोने के गहने एक्सपोर्ट करने के लिए एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कारपोरेशन ऑफ इंडिया से करार किया था। लेकिन विदेशी खरीदारों से उसके करीब 500 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं हुआ। जब कंपनी ने क्लेम मांगा तो मना कर दिया गया। कंपनी ने इसके खिलाफ नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमिशन में अर्जी दाखिल की लेकिन 2014 में सुनवाई के बाद उसकी अर्जी खारिज कर दी गई।

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


कमिशन ने आदेश में कहा कि वो किसी सिविल फोरम में मामला दाखिल करे क्योंकि ये साफ नहीं है कि कंपनी इस मामले में उपभोक्ता है। इसके बाद कंपनी ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है और कहा है कि कमिशन इस तरह मामले को खारिज नहीं कर सकता क्योंकि कमिशन खुद ही सिविल फोरम है। इस मामले में कोर्ट ने सरकार से उसका पक्ष पूछा था।