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जब पीएम मोदी और मनमोहन सिंह की मौजूदगी में बोले उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू: मैं नाखुश हूं, क्योंकि...

वेंकैया नायडू ने कहा कि आर्थिक मोर्चे पर जो भी हो रहा है, उस पर सभी भारतीय को गर्व करना चाहिए.

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जब पीएम मोदी और मनमोहन सिंह की मौजूदगी में बोले उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू: मैं नाखुश हूं, क्योंकि...

वेंकैया नायडू की किताब के विमोचन के मौके पर पीएम मोदी, मनमोहन सिंह और अन्य

नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति के रूप में वेंकैया नायडू की पहली पुस्तक ‘मूविंग आन मूविंग फारवर्ड, ए इयर इन ऑफिस’ का आज विमोचन हो गया. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह और एचडी देवगौड़ा, कांग्रेस नेता आनंद शर्मा समेत तमाम दलों के नेता एक मंच पर दिखे. अपनी ही किताब के विमोचन के मौके पर वेंकैया नायडू ने संसदीय काम-काज से थोड़ी से नाखुशी जाहिर की. उन्होंने कहा कि मुझे थोड़ी नाखुशी है कि संसद जिस तरह से चलना चाहिए, उस तरह से नहीं चल रहा. 

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उपराष्ट्रपति वेंकैया नायूड ने कहा कि 'मैं थोड़ा नाखुश हूं कि संसद में उस तरह कामकाज नहीं चल रहा, जिस तरह चलना चाहिए. वहीं, दूसरी ओर सब कुछ सही चल रहा है. विश्व बैंक, एशियन डेवलपमेंट बैंक, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम आदि जो भी रेटिंग दे रहे हैं, वह दिल गदगद करने वाला है. आर्थिक मोर्चे पर जो भी हो रहा है, उस पर सभी भारतीय को गर्व करना चाहिए.  वेंकैया नायडू ने पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में यह भी कहा कि ' कृषि को निरंतर सहायता की जरूरत है. वित्त मंत्री यहां हैं, शायद उन्हें पसंद न आए, कि मैं क्या कह रहा हूं. क्योंकि उन्हें सभी का ख्याल रखना होता है. मगर आने वाले दिनों में हमें कृषि के प्रति विशेष ध्यान देने की जरूरत है, नहीं तो लोग किसानी छोड़ रहे हैं. क्योंकि यह अब फायदा का सौदा नहीं रहा. 

उपराष्ट्रपति के रूप में अपने अनुभव के बारे में बताते हुए नायडू कहा कि "यह एक ऐसा समय है जब देश आगे बढ़ रहा है व मुझे इस पद के साथ एक नई भूमिका में देश और इसके लोगों की सेवा करने के लिए गौरवान्वित महसूस हो रहा है. यह एक क्षण है जब देश को बदलने के लिए दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत है.. स्पष्ट है अभी बहुत रास्ता तय करना बाकी है. हमें एक राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ना चाहिए. हमें दृढ़ता से आगे बढ़ना चाहिए.'

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इस मौके पर वेंकैया नायडू को लेकर पीएम मोदी ने दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जिक्र करते हुए कहा, 'अटलजी वेंकैया नायडू को एक मंत्रालय देना चाहते थे. वेंकैया जी ने कहा, मैं ग्रामीण विकास मंत्री बनना चाहता हूं. वह दिल से किसान हैं. वह किसानों और कृषि के कल्याण की दिशा में समर्पित हैं.'

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गौरतलब है कि रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया. इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी मौजूद रहे. पुस्तक के विमोचन समारोह के दौरान पूर्व पीएम मनमोहन सिंह शायराने अंदाज में नजर आए. अपने संबोधन के दौरान पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने एक कविता सुनाई- 'सितारों के आगे जहां और भी हैं, अभी इश्क के इम्तेहां और भी हैं.' बता दें कि उपराष्ट्रपति नायडू ने पिछले एक साल में अपने अनुभवों का उल्लेख 245 पृष्ठ की इस पुस्तक में शब्दों और चित्रों के माध्यम से किया है. उपराष्ट्रपति एम. वैंकेया नायडू ने अपने पहले साल के कार्यकाल के अनुभवों को पुस्तक के रूप में संकलित किया है.

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