लोक जनशक्ति पार्टी नवंबर तक NDA में बनी रहेगी? रामविलास पासवान ने दिया यह जवाब

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का कहना है कि इसका फैसला पार्टी के अध्यक्ष, यानी कि उनके पुत्र चिराग पासवान करेंगे

नई दिल्ली:

बिहार NDA में चल रही खींचतान के बीच लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन में बने रहने या इससे अलग होने के सवाल पर पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का कहना है कि इसका फैसला पार्टी के अध्यक्ष, यानी कि उनके पुत्र चिराग पासवान करेंगे. बिहार में एनडीए की घटक एलजेपी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के बीच खटास बढ़ती जा रही है. 

रामविलास पासवान से डिजिटल ब्रीफिंग के दौरान सवाल किया गया कि आप नवम्बर तक गरीबों को मुफ्त में अनाज बांटने की बात कर रहे हैं. क्या आप तब तक एनडीए में रहेंगे? इस पर रामविलास पासवान ने कहा कि ''देखिए चिराग पार्टी अध्यक्ष हैं. चिराग का जो निर्णय होगा उसमें हमारा कोई वश नहीं है. पार्लियामेंट्री बोर्ड जो फैसला करेगा वो मान्य होगा. चिराग पार्टी को अच्छे ढंग से चला रहे हैं. आज भी पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक है. मैं उस बैठक में नहीं रहता हूं. हर बाप चाहता है कि उसका बेटा उससे आगे निकले. मैं चिराग को ही मंत्री बनाना चाहता था, राजनाथ सिंह को कहा भी था. लेकिन चिराग पासवान ने कहा कि पापा ही मंत्री बनेंगे. ''

गौरतलब है कि बिहार (Bihar) में विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए के घटक दल लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के बीच दूरियां बढ़ती जा रही हैं.  एलजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग़ पासवान (Chirag Paswan) ने अब मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार (Nitish Kumar) से हिसाब-किताब बराबर करने की ठानी है. चिराग इस बात से खफा हैं कि गठबंधन में सहयोगी होने के बाबजूद नीतीश उन्हें भाव नहीं देते हैं. एलजेपी अध्‍यक्ष के करीबियों के मुताबिक़ नीतीश फ़ोन करने पर न कभी पलटकर बात करते हैं और न उनके आग्रह को मानते हैं. दोनों के बीच सब कुछ सामान्य नहीं हैं. यह बात कोरोना संकट के बाद खुलकर सामने आई है. चिराग नीतीश कुमार को लगातार घेरने की कोशिश करते रहे हैं.

बिहार में विधान परिषद की 12 सीटें राज्यपाल के मनोनयन से भरी जानी हैं. माना जा रहा है कि उसमें फैसला हो जाएगा कि बिहार में वही होगा जो नीतीश चाहेंगे या चिराग को साथ रखने की कोशिश करने वाले भाजपा (BJP) नेता उनकी मांगों के अनुसार लोक जनशक्ति को दो सीटें देंगे. दरअसल चिराग ने लोकसभा चुनाव के फॉर्मूले पर पांच-पांच-दो सीटों की हिस्सेदारी का सुझाव दिया है. ये बातें नीतीश को भाजपा नेताओं के माध्यम से पता चली हैं.

अभी तक माना जा रहा था कि जनता दल यूनाइटेड के खाते में सात और भाजपा के खाते में पांच सीटें आएंगी. इस बीच भाजपा के महासचिव और बिहार के प्रभारी भूपेन्द्र यादव ने नीतीश कुमार से मुलाकात की. सूत्रों की मानें तो इस दौरान चिराग पासवान के बारे में भी चर्चा हुई. चिराग पिछले दिनों भूपेन्द्र यादव से दिल्ली में मिले थे. भाजपा के नेता नीतीश-चिराग़ मतभेद से इस बात को लेकर ख़ुश हैं कि वो इस पूरे गठबंधन में धीरे-धीरे 'बड़े भाई' के रोल में आ रहे हैं जहां उनकी मध्यस्थता के बिना कुछ भी संभव नहीं.

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VIDEO : नीतीश कुमार और चिराग पासवान के बीच खींचतान