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क्या राहुल गांधी वापस संभालेंगे कांग्रेस की कमान? सामने आई बड़ी जानकारी

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी वापस पार्टी की कमान संभालने वाले हैं. इस बात की संभावना है कि अगले साल के आरंभ में दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद वह दोबारा पार्टी की कमान संभालें.

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क्या राहुल गांधी वापस संभालेंगे कांग्रेस की कमान? सामने आई बड़ी जानकारी

राहुल गांधी (File Photo)

खास बातें

  1. दिल्ली के चुनाव के बाद राहुल गांधी दोबारा पार्टी की कमान संभाल सकते हैं
  2. केसी वेणुगोपाल ने कहा कि देश चाहता है कि वह नेतृत्व की भूमिका संभालें
  3. हमें उम्मीद है कि वह कार्यकर्ताओं की बात सुनेंगे
नई दिल्ली/वायनाड (केरल):

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी वापस पार्टी की कमान संभालने वाले हैं. इस बात की संभावना है कि अगले साल के आरंभ में दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद वह दोबारा पार्टी की कमान संभालें. कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल का कहना है कि देश अब ज्यादा चाहने लगा है कि वह नेतृत्व की भूमिका में हों. राहुल गांधी के साथ केरल स्थित उनके संसदीय क्षेत्र वायनाड गए वेणुगोपाल ने संवाददाताओं से कहा, "देश नाजुक दौर से गुजर रहा है. पार्टी को उनके नेतृत्व की जरूरत है और पार्टी के कार्यकर्ताओं की ओर से उनकी वापसी की मांग उठने लगी है. हमें उम्मीद है कि वह उनकी बात सुनेंगे." अगले कुछ महीनों में कांग्रेस का अधिवेशन होने वाला है जिसमें पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी की नियुक्ति को मंजूरी प्रदान की जाएगी. 

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एक सूत्र ने बताया कि उस सम्मेलन में राहुल गांधी की वापसी को लेकर आवाज उठेगी क्योंकि पार्टी के युवा नेताओं ने इसकी योजना बनाई है. पार्टी संगठन में राहुल गांधी को प्रोन्नति करने की मांग पहली बार अखिल भारतीय कांग्रेस कमेर्टी के हैदराबाद अधिवेशन में 2006 में उठी थी जहां उत्तर प्रदेश के पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनके पक्ष में नारे बुलंद किए थे और 2007 में उनको पार्टी का महासचिव बनाया गया. उसके बाद उनको उपाध्यक्ष बनाने की मांग 2013 में जयपुर अधिवेशन में उठी.  पार्टी के विभिन्न वर्गो की मांग के बाद राहुल गांधी 2017 में निर्विरोध कांग्रेस अध्यक्ष निर्वाचित हुए, लेकिन 2019 के आम चुनाव में उनके नेतृत्व में पार्टी का प्रदर्शन खराब रहने के कारण उन्होंने उसकी जिम्मेदारी लेते हुए मई में इस्तीफा दे दिया. 

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पार्टी की ओर से उनसे दोबारा विचार करने का आग्रह बार-बार किए जाने के बाद भी वह नहीं माने. इसके बाद अगस्त में सोनिया गांधी को पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया गया. राहुल गांधी भले ही पार्टी के प्रमुख न हों लेकिन उनका फैसला पार्टी का फैसला होता है जैसाकि शिव सेना-कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस गठबंधन नीत महाराष्ट्र सरकार में नितिन राउत की मंत्री के रूप में नियुक्ति और नाना पटोले के विधानसभाध्यक्ष बनने से जाहिर होता है. सूत्र ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अधिवेशन स्थल को लेकर पार्टी अंतिम फैसला लेने वाली है जोकि कांग्रेस शासति मध्यप्रदेश या राजस्थान में जनवरी व फरवरी में होने वाली है. 



(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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