आजादी के बाद पहली बार इतनी महिलाएं बनीं सांसद, पढ़ें 17वीं लोकसभा की ऐसी ही खास बातें

बीजेडी देश में एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसने टिकट बंटवारे में 33 फीसदी सीट महिलाओं को दिया था यानि 7 महिला उम्मीदवार मैदान में उतारे थे. उसी तरह तृणमूल कांग्रेस ने भी 42 में से 17 महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया था जबकि कांग्रेस ने 423 में से 54 महिलाओं को और बीजेपी ने 437 में से 53 महिलाओं को टिकट दिया था.

नई दिल्ली:

मौजूदा लोकसभा में जो सांसद चुन कर आए हैं, उनके बारे में कई दिलचस्प पहलू सामने आते हैं जैसे इस बार आजादी के बाद से महिला सांसदों की संख्या सबसे अधिक है. 2014 में जहां 62 महिला सांसद संसद पहुंची थी वहीं अब इनकी संख्या 78 हो गई है. 2019 में कुल पुरूष उम्मीदवार 7334 थे तो महिला उम्मीदवारों की संख्या 715 थी. इसबार 542 में से 300 सांसद पहली बार संसद चुन कर आए हैं. 197 सांसद दूसरी बार चुने गए हैं, 394 सांसद ग्रैजुएट हैं तो सांसदों की औसत आयु 54 साल है. यदि दुनिया भर के आंकड़ें देखें तो भारत में महिला सांसदों का औसत सबसे कम है. भारत में जहां पूरे संसद की संख्या का केवल 14 फीसदी महिला सांसद है तो दक्षिण अफ्रीका में 43 फीसदी, ब्रिटेन में 32 फीसदी, अमेरिका में 24, बांग्लादेश में 21 और रवांडा में 61 फीसदी महिला सांसद है. उडीसा में 21 में से 7 महिला सांसद है जिसमें से बीजेडी की पांच और बीजेपी के दो सांसद हैं. 

Results 2019: मिलिए ओडिशा की इस आदिवासी युवा महिला इंजीनियर से, जो सबसे कम उम्र में सांसद बनी

बीजेडी देश में एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसने टिकट बंटवारे में 33 फीसदी सीट महिलाओं को दिया था यानि 7 महिला उम्मीदवार मैदान में उतारे थे. उसी तरह तृणमूल कांग्रेस ने भी 42 में से 17 महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया था जबकि कांग्रेस ने 423 में से 54 महिलाओं को और बीजेपी ने 437 में से 53 महिलाओं को टिकट दिया था. लेकिन कई ऐसे नाम हैं जिसे हार हार लगी है जैसे टीआरएस की के कविता,पीडीपी की महबूबा मुफ्ती,समादवादी पार्टी की डिंपल यादव और पूनम सिंहा, बीजेपी की जया प्रदा,कांग्रेस की प्रिया दत्त और उर्मिला मातोंडकर और तृणमूल कांग्रेस की मुनमुन सेन. ओडिशा से बीजेडी से जीती चंद्राणी मुर्मू सबसे कम उम्र की सांसद है वो महज 25 साल की हैं.

जयपुर के पूर्व राजघराने की दूसरी महिला, जो चुनी गईं सांसद; पांच लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीतीं

उसी तरह ओडिशा से ही बीजेपी के टिकट पर जीतीं अपराजिता सारंगी आईएएस थीं तो बीजेडी की प्रमिला बिसोई पांचवीं तक पढ़ी हैं और खेती करती हैं. वहीं केरल की रेम्या हरिदास कांग्रेस से जीती हैं जो टैलेंट हंट विजेता रही हैं. उसी तरह इस लोकसभा की सबसे बड़ी खासियत है करोड़पति सांसद. कुल 542 में से 475 यानि 88 फीसदी सांसद करोड़पति हैं जिसमें बीजेपी के 265,कांग्रेस के 43,डीएमके के 22,तृणमूल के 20 और वाईआरएससी यानि जगन रेड्डी की पार्टी से 19 सांसद ,शिवसेना के 18 और जेडीयू के 15 सांसद करोड़पति हैं. 

गाली एक्ट्रेसेस से सांसद बनीं मिमी और नुसरत कुछ इस अंदाज में पहुंचीं संसद, वायरल हुईं Photo

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

आपराधिक मामलों की बात करें तो 542 में से 233 सांसदों पर आपराधिक मुकदमें हैं यानि 43 फीसदी. जबकि 2014 में 34 फीसदी सांसदों पर मुकदमे थे और इनमें से 29 फीसदी पर गंभीर आरोप हैं. 11 पर तो हत्या का मामला दर्ज है. जिन सांसदों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं उनमें से 116 बीजेपी के ,29 कांग्रेस,  10 डीएमके, 10 वायएसआरसी और तृणमूल के 9 सांसद हैं. केरल के कांग्रेस के एक सांसद हैं डीन कुरियाकोस जो इडुक्की से जीत कर आए हैं उन पर 204 मुकदमे हैं. जिसमें से 37 थोड़े गंभीर मामले हैं बाकी धरना प्रर्दशन और सरकारी काम में बाधा जैसे मामले हैं जो अक्सर नेताओं पर पुलिस लगाती रहती है.

पहली बार संसद पहुंचे 300 सांसद​