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Exclusive: विश्व पुस्तक मेले में वेदों और कुरान को लेकर दो गुट भिड़े, गलत व्याख्या से बदनाम करने का लगाया आरोप

दिल्ली के विश्व पुस्तक मेला(World Book Fair) में भी हिंदू-मुस्लिम विवाद सामने आया. वेदों और कुरान की व्याख्या को लेकर दो पक्ष मेले में भिड़ गए.

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Exclusive: विश्व पुस्तक मेले में वेदों और कुरान को लेकर दो गुट भिड़े, गलत व्याख्या से बदनाम करने का लगाया आरोप

दिल्ली के प्रगति मैदान में विश्व पुस्तक मेले में कुरान और वेद को लेकर हुई भिड़ंत.

नई दिल्ली:

विश्व पुस्तक मेले(New Delhi World Book Fair) में बुधवार को उस वक्त हंगामा खडा़ हो गया, जब धर्म के प्रचार-प्रसार के मसले पर दो गुट भिड़ गए. दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे इस बड़े आयोजन में वेदों और कुरान की शिक्षाओं को लेकर विवाद हुआ. गुरुकल के लोगों ने जहां वेदों की गलत व्याख्या के जरिए 115 नंबर के स्टॉल पर इस्लाम का महिमामंडन करने का आरोप लगाया, तो  इस्लामिक ग्रंथों का प्रचार-प्रसार कर रहे संबंधित ट्रस्ट ने  पोस्टर ने इसे बेबुनियाद बताते हुए दूसरे पक्ष पर पोस्टर फाड़ने की कोशिश और अभद्रता करने का आरोप लगाया. गुरुकुल के लोगों ने कहा कि उन्होंने सिर्फ पोस्टर्स पर आपत्ति जाहिर किया. कहा कि किसी दूसरे धर्म के ग्रंथों की बातों को तोड़मरोड़कर अपने धर्म के फायदे के लिए इस्तेमाल करना गलत है. जबकि ट्रस्ट के स्टाफ ने कहा कि वह धार्मिक सद्भाव बढ़ाने के लिए कुरान और वेदों की पंक्तियों के पोस्टर प्रदर्शित कर रहे हैं.बहरहाल, विवाद की सूचना पर सिक्योरिटी स्टाफ ने पहुंचकर किसी तरह दोनों पक्षों को शांत कराया. तब जाकर उन्होंने आयोजक मंडल से अपनी शिकायत दर्ज कराई. करीब आधे घंटे तक स्टॉल पर विवाद चला. जिससे आसपास के स्टॉल के लोग भी अशांति के चलते परेशान रहे. 

दरअसल, विश्व पुस्तक मेले में वर्क चैरिटेबल ट्रस्ट (Work Charitable Trust) ने 115 नंबर का स्टॉल लगाया है. यहां इस्लामिक धर्म और शिक्षा से जुड़े साहित्य उपलब्ध हैं. स्टॉल पर  कई पोस्टर लगाए गए हैं, जिसमें वेदों की कथित श्रुतियां और कुरान की लाइनों का हवाला देते हुए उनमें समानता की बात कही गई है. दोपहर करीब ढाई बजे यहां वैदिक ज्ञानोदय महाविद्यालय सोनीपत, हरियाणा( गुरुकुल) के लोग पहुंचे. उन्होंने ट्रस्ट की ओर से लगाए गए उन पोस्टर्स पर आपत्ति जाहिर की, जिसमें इस्लाम की बातों के समर्थन में वेदों की कई लाइनों का हवाला दिया गया था. गुरुकुल के लोगों ने खुद को वेदों का मर्मज्ञ बताते हुए कहा कि अपने धर्म के प्रचार-प्रसार के मकसद से वेदों की बातों को तोड़मरोड़कर पेश किया जा रहा है. जिन लाइनों का हवाला देकर जो अर्थ पेश किया जा रहा है, उसका वह मतलब वह कतई नहीं है. यह बात कहते हुए गुरुकुल के लोगों ने मेले में स्टॉल को हटाने की मांग की. इसको लेकर दोनों पक्षों में बहस हो गई.इस बीच सिक्योरिटी ने आकर मामला संभाला और दोनों पक्षों से आयोजन समिति से आधिकारिक रूप से शिकायत करने को कहा. 


 

स्टॉल का विरोध करने वाले ग्रुप में शामिल गुरुकुल के इंद्रदेव ने एनडीटीवी से कहा, "वेद के जरिए कुरान को प्रचारित कराने का यह प्रयास है. वेद की जो बातें पोस्टर पर लिखीं गई हैं, वेद में ऐसा बिल्कुल नहीं है. स्टॉल पर जो बुक रेफरेंस के तौर पर रखी है, उसमें भी पोस्टर की बातें नहीं हैं. हमने आयोजकों से शिकायत की. पिछली बार भी शिकायत की थी तो ये लोग इस बार नाम बदलकर दुकान लगा लिए." उन्होंने कहा- मेरी आपत्ति धर्म के प्रचार-प्रसार से नहीं है, इस पर है कि दूसरे के धर्म की बातों का हवाला देकर झूठ फैलाया जा रहा है.

वेद-कुरान के जरिए सौहार्द बढ़ाने का मकसद
वर्क चैरिटेबल ट्रस्ट के फिरोज ने गुरुकुल के लोगों के सारे आरोप खारिज किए. उन्होने स्टॉल के पोस्टर फाड़ने और महिला स्टाफ से अभद्रता करने के आरोप भी लगाए. उन्होंने एनडीटीवी से कहा," हमारा मकसद वेद और कुरान की समानताओं को दिखाते हुए सांप्रदायिक सौहार्द बढ़ाने का मकसद है. हम लोगों को बताना चाहते हैं कि चाहे आप वेद पढ़ें या कुरान पढ़ें, सबकी शिक्षा एक ही है. कुछ लोग स्टॉल पर आए और उन्होंने एक श्लोक पर आपत्ति जताते हुए कहा कि उसका अर्थ गलत दिया गया है. जिस पर हमने कहा कि अगर आपको दिक्कत है तो मैं किताब के लेखक का नंबर और ईमेल आइडी देता हूं, आप उनेस संपर्क कर शिकायत कर सकते हैं.अगर कोई दिक्कत है तो आप आयोजक से शिकायत  कर सकते हैं,  मगर उन्होंने आयोजकों के पास न जाकर स्टॉल पर लगे पोस्टर को फाड़ने की कोशिश की और महिलाओं से अभद्रता भी की. जिसकी हमने शिकायत की है." फिरोज ने कहा कि उनके ट्रस्ट का मकसद समाज से बुराइयों को दूर करने का है. 

 

आयोजन समिति ने कहा- धार्मिक पंफलेट बांटने वालों पर लगा रहे फाइन
उधर विश्व पुस्तक मेला आयोजन समिति से जुड़े इमरानुल हक ने एनडीटीवी से कहा- हमें हर बार शिकायतें मिलतीं है कि मेला स्थल पर तमाम लोग धार्मिक पंफलेट बांटते हैं. यह पंफलेट लोग लेते हैं और फेंक देते हैं. जिससे मेलास्थल पर गंदगी फैलती है. ऐसे में आयोजन समिति की ओर से ऐसे लोगों पर जुर्माना लगाया जा रहा है. हालांकि उन्होंने संबंधित विवाद के बारे में कुछ कहने से मना किया.

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विश्व पुस्तक मेला के स्टॉल 115 पर लगे इन्हीं पोस्टर्स पर हुआ विवाद

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वीडियो- गांव में दिखा हिंदू-मुस्लिम सौहार्द 



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