जीडीपी में भारी गिरावट पर NDTV से बोले मुख्य आर्थ‍िक सलाहकार, 'सबसे बुरा दौर गुजर चुका'

NDTV से बात करते हुए मुख्य आर्थ‍िक सलाहकार (Chief Economic Adviser) कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन (Krishnamurthy Subramanian) ने कहा कि सबसे बुरा दौर गुजर चुका है.

जीडीपी में भारी गिरावट पर NDTV से बोले मुख्य आर्थ‍िक सलाहकार, 'सबसे बुरा दौर गुजर चुका'

कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन मुख्य आर्थ‍िक सलाहकार हैं. (फाइल फोटो)

खास बातें

  • GDP में 23.9 फीसदी की भारी गिरावट
  • मुख्य आर्थ‍िक सलाहकार हैं कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन
  • बोले- सबसे बुरा दौर गुजर चुका है
नई दिल्ली:

चालू वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून तिमाही में भारत की जीडीपी (GDP) में 23.9 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई. इस पर NDTV से बात करते हुए मुख्य आर्थ‍िक सलाहकार (Chief Economic Adviser) कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन (Krishnamurthy Subramanian) ने कहा कि सबसे बुरा दौर गुजर चुका है और अब अर्थव्यवस्था (Economy) में सुधार के स्पष्ट संकेत दिखने लगे हैं.

उन्होंने कहा, 'आपको एक फैक्ट बताता हूं, अगर आप उन देशों को देखें जहां जीडीपी-प्रति-व्यक्ति (अनुपात) सिकुड़ता जा रहा है...तो ये 150 वर्षों में पहली बार सबसे अधिक होने जा रहा है. आखिरी बार ऐसा 1870 में हुआ था.' 

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कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन ने कहा, 'दूसरे शब्दों में अगर कहें तो हम एक ऐसी घटना से गुजर रहे हैं जो डढ़ शताब्दी में एक बार घटित हो रही है.' हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि अर्थव्यवस्था कोरोनावायरस से पैदा हुई स्थिति से उबरने के रास्ते पर है. उन्होंने कहा, 'ये भी ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि रिकवरी स्पष्ट रूप से हो रही है.'

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उन्होंने कहा कि अगस्त में कई क्षेत्रों में बढ़ता कारोबार इस बात का संकेत है कि स्थिति पहले जैसा होने की दिशा में आगे बढ़ रही है. अगस्त 2020 का लेवल पिछले साल अगस्त के बराबर रहा है. मुख्य क्षेत्र अप्रैल से बेहतर हो रहे हैं. यह नीचे गिरने के बाद उठने का संकेत है.

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सुब्रमण्यन मुख्य क्षेत्रों जैसे- कोयला, तेल, गैस, रिफाइनरी उत्पादों, उर्वरकों, इस्पात, सीमेंट और बिजली के उत्पादन की बात कर रहे थे, जिनमें अप्रैल में रिकॉर्ड 38.1 प्रतिशत तक गिरावट देखी गई थी लेकिन अब धीरे-धीरे हालात सुधर रहे हैं. यह मई में -23.4 फीसदी रहा. सुधार की दिशा में यह -15 फीसदी जून में और जुलाई में -12.9 प्रतिशत पर आ गया. मुख्य आर्थिक सलाहकार ने कहा, 'इन सभी संकेतों को देखते हुए साफ है कि स्थिति में सुधार हो रहा है और सबसे बुरा दौर गुजर चुका है. मैं ये बात डेटा के हिसाब से कह रहा हूं, ये मेरा ओपिनियन नहीं है.'

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