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IPL के अगले सीजन में अब नजर नहीं आएंगी ये दो टीमें, जानें क्या है इसकी वजह

आईपीएल 10 ख़त्म होने के साध ही राइजिंग पुणे सुपरजाएंट और गुजरात लायन्स का सफ़र भी ख़त्म हो जाएगा. आईपीएल गवर्निंग कॉउंसिल के अध्यक्ष राजीव शुक्ला ने इस बात पर मुहर लगा दी. शुक्ला ने कहा, 'ये तो पहले से तय था कि पुणे और गुजरात की टीम दो साल के लिए आईपीएल खेलेगी और उसके बाद 8 टीमों के साथ ही आईपीएल होगा. पुणे और गुजरात के क़रार को आगे बढ़ाने के बारे में कोई बात नहीं हुई है और इसे नहीं बढ़ाया जाएगा.'

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IPL के अगले सीजन में अब नजर नहीं आएंगी ये दो टीमें, जानें क्या है इसकी वजह

आईपीएल गवर्निंग कॉउंसिल के अध्यक्ष राजीव शुक्ला ने इस बात पर मुहर लगा दी.

खास बातें

  1. राइजिंग सुपरजाएंट पुणे और गुजरात लायन्स का सफ़र ख़त्म हो जाएगा
  2. पहले से तय था कि पुणे और गुजरात की टीम दो साल के लिए खेलेगी
  3. पुणे और गुजरात के क़रार को आगे बढ़ाने के बारे में कोई बात नहीं हुई
नई दिल्ली: आईपीएल 10 ख़त्म होने के साथ ही राइजिंग पुणे सुपरजाएंट और गुजरात लायन्स का सफ़र भी ख़त्म हो जाएगा. आईपीएल गवर्निंग कॉउंसिल के अध्यक्ष राजीव शुक्ला ने इस बात पर मुहर लगा दी. शुक्ला ने कहा, 'ये तो पहले से तय था कि पुणे और गुजरात की टीम दो साल के लिए आईपीएल खेलेगी और उसके बाद 8 टीमों के साथ ही आईपीएल होगा. पुणे और गुजरात के क़रार को आगे बढ़ाने के बारे में कोई बात नहीं हुई है और इसे नहीं बढ़ाया जाएगा.' पुणे की टीम को आरपीजी ग्रुप के मालिक संजीव गोयनका ने ख़रीदा था और गुजरात का मालिकाना हक इंटेक्स मोबाइल कंपनी के मालिक केशव बंसल के पास है.

इसका मतलब साफ़ है कि आईपीएल में स्पॉट फ़िक्सिंग की वजह से 2 साल का बैन पूरा करने के बाद राजस्थान रॉयल्स और एन श्रीनिवासन की चेन्नई सुपरकिंग्स टीम की वापसी अगले साल यानी सीज़न 11 में हो जाएगी. दिल्ली में हुई बीसीसीआई की स्पेशल जनरल बॉडी की बैठक में एन श्रीनिवासन के शामिल होने से भी इस बात के संकेत मिलते हैं कि श्रीनिवासन को लेकर बोर्ड के बाक़ी सदस्यों में हुई मनमुटाव अब ख़त्म हो चुका है और नए सिरे से रिश्तों की शुरुआत हो गई है. श्रीनिवासन बैठक में स्काइप के ज़रिए शामिल हुए. राजीव शुक्ला ने पूर्व बोर्ड अध्यक्ष के शामिल होने की बात स्वीकार की.

इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले द्वारा हटाए जाने वाले सचिव अजय शिर्के और अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के साथ श्रीनिवासन के मिलने की ख़बर सुर्ख़ियां बनी थी. इतना ही नहीं श्रीनिवासन बोर्ड के कुछ अधिकारियों के साथ दिल्ली और चेन्नई में भी मिले लेकिन उन्होंने हर बार इसे दोस्ताना मेलजोल कहा था. आईसीसी-बीसीसीई में पैसे के बंटवारे को लेकर चल रही तना-तनी की वजह से लगता है बोर्ड के सदस्यों ने एक होकर लड़ने का मन बना लिया है.


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