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J&K स्थानीय चुनाव: 10 साल जेल की सजा काट चुका यह शख्स है BJP कैंडिडेट, हरकत-उल-मुजाहिदीन के लिए कर चुका है काम

जम्मू-कश्मीर में पंचायत चुनाव में बीजेपी की ओर से एक उम्मीदवार की उम्मीदवारी को लेकर विवाद बढ़ता दिख रहा है.

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J&K स्थानीय चुनाव: 10 साल जेल की सजा काट चुका यह शख्स है BJP कैंडिडेट, हरकत-उल-मुजाहिदीन के लिए कर चुका है काम

मोहम्मद फारूक खान जम्मू-कश्मीर स्थानीय चुनाव में श्रीनगर से BJP के उम्मीदवार हैं

नई दिल्ली:

जम्मू-कश्मीर में पंचायत चुनाव में बीजेपी की ओर से एक उम्मीदवार की उम्मीदवारी को लेकर विवाद बढ़ता दिख रहा है. दरअसल, बीजेपी ने एक ऐसे शख्स को श्रीनगर से टिकट दिया है, जो कभी आतंकी संगठन से जुड़ा था और वह अपनी जेल कीसजा भी काट चुका है. यही वजह है कि मीडिया में उस शख्स के नाम पर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं. जम्मू-कश्मीर के स्थानीय निकाय चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार मोहम्मद फारूक खान ने अपने ऊपर लग रहे आरोपों से साफ तौर पर इनकार किया है. मोहम्मद फारूक ने कहा कि मैं नेपाल से नहीं आया हूं. मैं काफी पहले यहां आया था. मैंने साढ़े दस साल अपनी जेल की सजा काटी है. जो लोग मुझे कह रहे हैं कि मैं नेपाल से आया हूं, अगर वे माफी नहीं मांगते हैं तो मैं उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराऊंगा. बता दें कि मोहम्मद फारूक खान जम्मू-कश्मीर स्थानीय चुनाव में श्रीनगर से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार हैं. 

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उन्होंने कहा कि मैं जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट और हरकत-उल-मुजाहिदीन में था. जेल से बाहर आने के बाद, मैंने पूर्व आतंकवादियों के पुनर्वास के लिए जम्मू-कश्मीर मानव कल्याण संगठन का गठन किया. किसी ने मुझे समर्थन नहीं दिया, यहां तक कि वे भी नहीं, जिनके लिए मैंने बंदूक उठाई थी. मुझे नहीं पता था कि वे केवल नोट्स गिन रहे थे.
  उन्होंने कहा कि लोग मुझे पहले भी गालियां दे रहे थे और आज जब मैं शांति के लिए काम कर रहा हूं, तब भी मुझे गालियां मिल रही हैं. मैं पूर्व-आतंकवादियों और उनके बच्चों के पुनर्वास और उनकी पढ़ाई के लिए अपनी कमाई खर्च करूंगा और सबको जीतूंगा. उन्होंने कहा कि मैंने पुनर्वास नीति पर आत्मसमर्पण नहीं किया. 

इससे पहले घाटी में चुनावों को लेकर सत्‍यपाल मलिक ने कहा था कि पीडीपी और एनसी दोनों ही पार्टी बॉयकाट कर विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रही हैं. इन दोनों पार्टी के कैंडिडेट्स बिना सिंबल के इनके समर्थन से चुनाव लड़ेंगे, ये सिर्फ दिखावा कर रहे हैं. हमने सुरक्षा के सारे इंतज़ाम कर लिए हैं. हम हर कैंडिडेट का 10 लाख का बीमा कर रहे हैं. बता दें कि जम्मू-कश्मीर में स्थानीय चुनाव होने हैं. हालांकि, इससे पहले कई पार्टियों ने इस चुनाव को बहिष्कार करने का भी ऐलान किया है. 



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