जम्मू-कश्मीर सरकार की रिपोर्ट : अनंतनाग में अमरनाथ यात्रियों की बस पर हुआ था दो बार हमला

एक के बाद एक आतंकियों के दो गुटों के हमलों के बावजूद ड्राइवर ने बस नहीं रोकी और पुलिस नाके तक ले गया

जम्मू-कश्मीर सरकार की रिपोर्ट : अनंतनाग में अमरनाथ यात्रियों की बस पर हुआ था दो बार हमला

अनंतनाग जिले में आतंकियों ने अमरनाथ यात्रियों की बस पर दो बार हमले किए थे.

खास बातें

  • अनंतनाग के संगम में बस का टायर पंक्चर हो जाने के कारण देर हुई
  • ज़्यादातर यात्रियों को पैरों के निचले हिस्से, नाक और कंधे में चोटें लगीं
  • हमलावर आतंकवादी हिज़्बुल मुजाहिदीन के होने का संदेह
नई दिल्ली:

अनंतनाग में अमरनाथ यात्रियों की बस पर सोमवार को रात में आतंकियों ने हमला एक बार नहीं बल्कि दो बार किया था. ऑटोमैटिक राइफल से आतंकियों के दो गुटों ने बस पर हमला किया था. जम्मू कश्मीर सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी गई रिपोर्ट में यह खुलासा किया है.

रिपोर्ट के मुताबिक बस श्रीनगर से शाम चार बजकर 40 मिनट पर चली. यह बस श्रीनगर से जम्मू जा रही थी. अनंतनाग के संगम इलाके के पास पहुंचने पर ड्राइवर ने यात्रियों को बताया कि बस का टायर पंक्चर हो गया है जिसे बदलने में कुछ समय लगेगा. बस का टायर बदलने में करीब एक घंटा लग गया जिसके कारण देरी हो गई.

बस आठ बजकर 17 मिनट पर खानाबल पहुंची और तभी उस पर हमला हो गया. बस ड्राइवर सलीम शेख बिना घबराए हुए बस को चलाता रहा लेकिन सिर्फ 75 गज आगे पहुंचने पर बस पर आतंकियों के दूसरे गुट ने हमला कर दिया.

जम्मू-कश्मीर सरकार की दो पन्नों की रिपोर्ट में लिखा है कि बस के ड्राइवर ने तब भी बस नहीं रोकी और उसे एबल पुलिस नाके तक ले गया. वहां पुलिस पार्टी बस को इस्कॉर्ट कर अनंतनाग पुलिस लाइन में ले गई. वहां घायलों को फर्स्ट एड देने के बाद अस्पताल में शिफ़्ट कर दिया गया.

हमले के शिकार यात्रियों को किस तरह की चोटें लगी हैं, इसका विवरण भी रिपोर्ट में है. बताया गया है कि ज़्यादातर यात्रियों को पैरों के निचले हिस्से, नाक और कंधों में चोटें लगी हैं.

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सोमवार रात को गुजरात की एक बस जब श्रीनगर से जम्मू जा रही थी तब आतंकियों ने उस पर हमला कर दिया. इस हमले में सात यात्रियों की मौत हो गई. मारे गए यात्रियों में पांच महिलाएं थीं.

यह हमला दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में हुआ. केंद्रीय गृह मंत्रालय के मुताबिक शुरुआती रिपोर्ट और मोडस ओपेरंडी से लगता है कि हमला हिज़्बुल मुजाहिदीन ने किया. एक अधिकारी ने बताया कि "जिस तरह से हमलावर भाग निकले उससे लग रहा है कि हमला हिज़्बुल का है. अगर लश्कर के होते तो वे भागते नहीं, वहां डटकर और मुकाबला करते."