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जम्मू-कश्मीर सरकार ने यात्रियों और पर्यटकों को घाटी छोड़ने को कहा, तो उमर अब्दुल्ला बोले...

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि, इस अप्रत्याशित आदेश से अमरनाथ यात्रियों और पर्यटकों पर गंभीर आतंकी हमले की वास्तविक आशंका प्रतीत हो रही है.

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जम्मू-कश्मीर सरकार ने यात्रियों और पर्यटकों को घाटी छोड़ने को कहा, तो उमर अब्दुल्ला बोले...

जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. सरकार ने अमरनाथ यात्रियों और पर्यटकों के लिए जारी की है एडवाइजरी
  2. यात्रियों और पर्यटकों को जल्द से जल्द घाटी छोड़ने को कहा है
  3. उमर अबदुल्ला ने कहा, इससे घाटी में व्याप्त डर कम नहीं होगा
नई दिल्ली :

जम्मू-कश्मीर सरकार ने अमरनाथ यात्रियों और पर्यटकों को घाटी में आतंकी हमले के इनपुट के मद्देनजर वापस लौटने की सलाह दी है. सरकार ने एक पत्र जारी कर पर्यटकों व अमरनाथ यात्रियों को घाटी में रहने की अवधि में कटौती करने का आदेश दिया है. सरकार ने यात्रियों व पर्यटकों को जल्द से जल्द घाटी से लौटने के लिए जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया है. इस बीच जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि, 'इस अप्रत्याशित आदेश से अमरनाथ यात्रियों और पर्यटकों पर गंभीर आतंकी हमले की वास्तविक आशंका प्रतीत हो रही है, लेकिन इस आदेश से घाटी में फिलहाल व्याप्त भय के माहौल से निजात नहीं मिलने वाली है'.

एक और ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, 'आपको क्या लगता है कि आधिकारिक आदेश देखने के बाद पर्यटक जितनी जल्दी हो सके घाटी से नहीं निकल जाना चाहेंगे? इस आदेश को देखने के बाद यहां कौन रुकना चाहेगा. यहां से जाने वाले लोगों की वजह से एयरपोर्ट और हाइवे जाम हो जाएंगे.'


दूसरी तरफ, जम्मू-कश्मीर सरकार के ताजा आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए जम्मू-कश्मीर पिपुल्स मूवमेंट के अध्यक्ष शाह फैजल ने ट्वीट कर कहा, ' जम्मू-कश्मीर सरकार ने पर्यटकों और अमरनाथ यात्रियों को घाटी में आतंकी हमले की आशंका को देखते हुए वापस लौटने की सलाह दी है. क्या सरकार घाटी में रह रहे लोगों के लिए भी इस तरह की कोई एडवाइजरी जारी करने पर विचार कर रही है?' शाह फैजल ने आगे लिखा, 'क्या कश्मीर के लोगों को भी कहीं दूसरी जगह चले जाना चाहिए या फिर हमारी जान की कोई कीमत नहीं है?.

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आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर सरकार की एडवाइजरी के बीच बीच सेना ने शुक्रवार को कहा कि नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास स्थिति नियंत्रण में है और काफी हद तक शांतिपूर्ण है. सेना ने कहा कि वह पाकिस्तान को कश्मीर में शांति भंग करने नहीं देगी.  सेना की 15वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने श्रीनगर में सुरक्षा बलों के एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि घाटी में आईईडी विस्फोटकों का खतरा ज्यादा है, लेकिन नियमित रूप से तलाशी अभियान चलाकर सुरक्षा बल इससे प्रभावी ढंग से निपट रहे है. 

VIDEO: जम्मू-कश्मीर में अतिरिक्त सेना की तैनाती से नाखुश राज्य के नेता​



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