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हालात में काफी सुधार हो गया है और अब हुर्रियत भी बातचीत करने के लिए तैयार : सत्यपाल मलिक

आपको बता दें कि मलिक के बयान से पहले हुर्रियत चीफ मीरवाइज उमर फारुक ने भारत और पाकिस्तान से अपील बातचीत की अपील की थी जो कि उरी हमले के बाद से पूरी तरह बंद कर दी गई थी. भारत ने बार-बार कहा कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ जारी नहीं रह सकते हैं.

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हालात में काफी सुधार हो गया है और अब हुर्रियत भी बातचीत करने के लिए तैयार : सत्यपाल मलिक

जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. श्रीनगर में एक कार्यक्रम में बोले राज्यपाल मलिक
  2. 'शुक्रवार की नमाज के बाद अब नहीं होता है दंगा'
  3. 'जब गोली चलेगी सामने तो गुलदस्ता नहीं दिया जाता है'
नई दिल्ली:

श्रीनगर में एक कार्यक्रम के दौरान जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा है कि हालात में काफी सुधार हो गया है और अब हुर्रियत भी बातचीत करने के लिए तैयार हो गया है. मलिक ने कहा, 'तापमान काफी कम हो गया है.' कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर और जितेंद्र सिंह भी मौजूद थे. सत्यपाल मलिक ने कहा, 'मैं जब आया था उस समय से यहां चीजें काफी बेहतर हो गई हैं. आपने हुर्रियत को देखा. जब राम विलास पासवान उनके घर के बाहर खड़े तो उन्होंने दरवाजा तक नहीं खोला था. लेकिन अब वे बातचीत के लिए तैयार हैं. अब बदलाव बिलकुल साफ दिख रहा है. अब शुक्रवार की नमाज के बाद दंगा नहीं होता है. मैंने कोशिश करता हूं कि ताकि लोगों को दोबारा वापस लाया जा सके. वहीं आतंकियों पर लगातार हो रही कार्रवाई पर सत्यपाल मलिक ने यह भी कहा कि जब गोली चलेगी सामने तो गुलदस्ता नहीं दिया जाता है. गोली के बदले में गोली ही देंगे. इसके अलावा उन्होंने कहा कि राज्य में आतंकियों की भर्ती ना के बराबर हुई है. साथ ही पथराव की घटनाएं भी थम गई हैं. 

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आपको बता दें कि मलिक के बयान से पहले हुर्रियत चीफ मीरवाइज उमर फारुक ने भारत और पाकिस्तान से अपील बातचीत की अपील की थी जो कि उरी हमले के बाद से पूरी तरह बंद कर दी गई थी. भारत ने बार-बार कहा कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ जारी नहीं रह सकते हैं. सत्यपाल मलिक को एनएन वोहरा की जगह पिछले साल अगस्त में जम्मू-कश्मीर का राज्यपाल बनाया गया था. उस समय भी वहां पर राष्ट्रपति का शासन था. लोकसभा चुनाव के समय भी राज्य में विधानसभा चुनाव नहीं कराए जा सके थे. दरअसल पुलवामा के एक हफ्ते बाद ही चुनाव की घोषणा की गई थी.

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राज्य में विधानसभा चुनाव न कराए जाने पर बीजेपी विपक्षी पार्टियों के निशाने पर आ गई थी. हालांकि खबर मिल रही है केंद्र की ओर से चुनाव कराए जाने की सहमति मिल गई है और इस साल के आखिरी तक तारीखों की घोषणा कर दी जाएगी. 

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