NDTV Khabar

जम्मू-कश्मीर विधानसभा क्यों हुई भंग ? राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने गिनाए ये 4 कारण

जम्मू-कश्मीर विधानसभा (Jammu-Kashmir Assembly) भंग होने के पीछे ये रहे चार कारण. राज्यपाल सत्यपाल मलिक (Governor Satya Pal Malik) ने खुद दी जानकारी.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
जम्मू-कश्मीर विधानसभा क्यों हुई भंग ? राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने गिनाए ये 4 कारण

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के साथ मौजूद जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक.

खास बातें

  1. राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने भंग की जम्मू-कश्मीर विधानसभा
  2. कहा- राज्य में सरकार बनाने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त की आशंका थी
  3. विरोधी राजनीतिक विचारधारा वाले दलों के स्थिर सरकार देने में था संदेह
नई दिल्ली:

जम्मू कश्मीर विधानसभा भंग (Jammu-Kashmir Assembly) हो गई है. यह कार्रवाई तब हुई, जब बुधवार को विभिन्न पार्टियों की ओर से सरकार बनाने का दावा पेश किया गया. इसके तत्काल बाद राज्यपाल सत्यपाल मलिक (Governor Satya Pal Malik) की ओर से विधानसभा भंग करने की कार्रवाई की गई. राज भवन ने देर रात एक बयान जारी कर विधानसभा भंग करने के पीछे की वजहों को स्पष्ट किया है. अपने फैसले के समर्थन में राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने चार कारण बताए हैं, जिसकी वजह से उन्होंने तत्काल प्रभाव से विधानसभा भंग करने का निर्णय लिया. दरअसल, जम्मू-कश्मीर में पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) के बाद पीपुल्स कांफ्रेंस के लीडर सज्जाद लोन (Sajad Lone) ने भी बीजेपी (BJP) के समर्थन से सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया. इसके बाद राज्यपाल ने विधानसभा भंग कर दी. राज्यपाल सत्यपाल मलिक (Satya Pal Malik) ने कहा कि जम्मू कश्मीर के संविधान के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत यह कार्रवाई की गई है. एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है. इससे पहले महबूबा मुफ्ती ने राज्यपाल सत्यपाल मलिक को लिखे पत्र में कहा था कि राज्य विधानसभा में पीडीपी सबसे बड़ी पार्टी है, जिसके 29 सदस्य हैं. उन्होंने लिखा, 'आपको मीडिया की खबरों में पता चला होगा कि कांग्रेस और नेशनल कान्फ्रेंस ने भी राज्य में सरकार बनाने के लिए हमारी पार्टी को समर्थन देने का फैसला किया है. नेशनल कान्फ्रेंस के सदस्यों की संख्या 15 है और कांग्रेस के 12 विधायक हैं. अत: हमारी सामूहिक संख्या 56 हो जाती है.' 

ये हैं चार वजहें
राज्यपाल ने सबसे प्रमुख वजह सरकार बनाने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त की आशंका जताई है. दूसरा प्रमुख कारण परस्पर विरोधी राजनीतिक  विचारधारा वाले दलों के गठबंधन से स्थाई सरकार बनने में आशंका रही. राज्यपाल को लगता है कि दो विरोधी दलों के एक साथ आने राज्य में स्थिर सरकार नहीं बन सकती. गठबंधन में शामिल कुछ दल विधानसभा भंग करने की मांग करते थे.  इसके अलावा पिछले कुछ वर्षों का का अनुभव यह बताता है कि खंडित जनादेश से स्थाई सरकार बनाना संभव नहीं है. ऐसी पार्टियों का साथ आना जिम्मेदार सरकार बनाने की बजाए सत्ता हासिल करने का प्रयास है.'' बयान में आगे कहा गया, ‘‘व्यापक खरीद फरोख्त होने और सरकार बनाने के लिए बेहद अलग राजनीतिक विचारधाराओं के विधायकों का समर्थन हासिल करने के लिए धन के लेन देन होने की आशंका की रिपोर्टें हैं. ऐसी गतिविधियां लोकतंत्र के लिए हानिकारक हैं और राजनीतिक प्रक्रिया को दूषित करती हैं.'' इसमें चौथा कारण बताया गया है कि बहुमत के लिए अलग अलग दावें हैं वहां ऐसी व्यवस्था की उम्र कितनी लंबी होगी इस पर भी संदेह है.'' इसमें कहा गया, ‘‘जम्मू कश्मीर की नाजुक सुरक्षा व्यवस्था जहां सुरक्षा बलों के लिए स्थाई और सहयोगात्मक माहौल की जरूरत है. ये बल आतंकवाद विरोधी अभियानों में लगे हुए हैं और अंतत: सुरक्षा स्थिति पर नियंत्रण पा रहे हैं.' (इनपुट-भाषा से)


देखें वीडियो-जम्मू कश्मीर विधानसभा भंग

टिप्पणियां

 



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement