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कठुआ मामला: पुलिस ने कहा, बच्ची से रेप नहीं होने की खबरें 'सच्चाई से काफी दूर'

जम्मू कश्मीर पुलिस ने कठुआ मामले पर कहा कि उन खबरों में कोई सच्चाई नहीं है कि हत्या से पहले बच्ची का बलात्कार नहीं हुआ था.

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कठुआ मामला: पुलिस ने कहा, बच्ची से रेप नहीं होने की खबरें 'सच्चाई से काफी दूर'

फाइल फोटो

खास बातें

  1. पुलिस ने कहा कि अभी सच्चाई से काफी दूर हैं
  2. 'पीड़ित बच्ची का निजी अंग मूल स्वरूप में नहीं था'
  3. बच्ची का शव 17 जनवरी को जंगल में मिला था
जम्मू: जम्मू कश्मीर पुलिस ने कठुआ मामले पर कहा कि उन खबरों में कोई सच्चाई नहीं है कि हत्या से पहले बच्ची का बलात्कार नहीं हुआ था. हम अभी सच्चाई से काफी दूर हैं. जम्मू कश्मीर पुलिस प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ चिकित्सा विशेषज्ञों की राय के बूते पर यह निश्चित है कि आरोपियों ने उस पर यौन हमला किया था.’’ चिकित्सा विशेषज्ञों ने यह भी कहा था कि पीड़ित बच्ची का निजी अंग मूल स्वरूप में नहीं था. चिकित्सकों की राय के आधार पर इस मामले में रणबीर दंड संहिता की धारा 376 को भी जोड़ा गया. विशेषज्ञों की राय के बाद अब इसमें भी कोई संदेह नहीं रहा है कि बच्ची को बंधक बनाकर रखा गया था और उसे मादक पदार्थ दिए जाते थे.

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जम्मू कश्मीर पुलिस ने दो पुलिसकर्मियों सहित आठ लोगों के खिलाफ आरोप दायर किए थे, जिन्होंने कथित रूप से महत्वपूर्ण साक्ष्य नष्ट कर दिए थे, लेकिन उन स्थानीय समूहों द्वारा लक्षित किया गया है, जिन्होंने बलात्कार के आरोपी छह लोगों का विरोध किया है. इस संदर्भ में सीबीआई जांच की मांग की गई. बीजेपी को दो मंत्रियों ने ने इस्तीफा दे दिया था. बीजेपी के इन दोनों मंत्रियों पर आरोप था कि ये आरोपियों के समर्थन में निकाली गई रैली में शामिल हुए थे.

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इससे पहले जम्मू-कश्मीर के कठुआ में आठ साल की बच्ची के साथ गैंगरेप और हत्या मामले में फॉरेंसिक रिपोर्ट ने इस घटना की कई परतों को खोल कर रख दिया है. कठुआ गैंगरेप और हत्या मामले में फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट में जांच टीम के हाथ कुछ ऐसे सबूत हाथ लगे हैं, जिससे आरोपियों की मुश्किलें और भी बढ़ गई हैं. फॉरेंसिक रिपोर्ट ने एक बार इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों कटघरे में खड़ा कर दिया है.

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अगर फॉरेंसिक रिपोर्ट की मानें, तो इस दर्दनाक वारदात के आरोपियों ने घटना के बाद सबूतों को मिटाने की हर संभव कोशिश की थी. आरोपियों ने पीड़ित बच्ची के सलवार फ्रॉक को धो डाला था, ताकि उस पर कोई खून का धब्बा न रह जाए. बच्ची का शव 17 जनवरी को जंगल में मिला था वह एक हफ्ते पहले उसी इलाके में लापता हो गई थी. सरकारी ने 23 जनवरी को मामले की जांच राज्य पुलिस की अपराध शाखा को सौंप दी थी. अपराध शाखा ने विशेष जांच दल गठित किया जिसने दो विशेष पुलिस अधिकारियों और एक हेड कांस्टेबल समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है.


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