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कश्मीर में लापता जवानों में एक की मौत, बाकी चार जवान अभी भी लापता

कश्मीर के नौगाम सेक्टर में भारी बर्फबारी की वजह से लापता दो हुए जवान में एक का शव मिल गया है.

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कश्मीर में लापता जवानों में एक की मौत,  बाकी चार जवान अभी भी लापता

कश्मीर में लापता जवानों में एक की मौत

खास बातें

  1. कश्मीर में लापता जवानों में एक की मौत
  2. बाकी चार जवान अभी भी लापता
  3. सेना द्वारा चलया जा रहा बचाव अभियान जारी है
श्रीनगर: कश्मीर के नौगाम सेक्टर में भारी बर्फबारी की वजह से लापता दो हुए जवान में एक का शव मिल गया है, लेकिन अब तक दूसरे जवानों का कोई पता नही चल पाया है. उधर गुरेज सेक्टर में भी लापता हुए तीन जवानों का अब तक कोई पता नही चल पाया है. इन दोनों जगहों पर सैनिक गश्त के दौरान ढ़लान से नीचे गिर गए. सैनिकों के बचाव अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन खराब मौसम की वजह से राहत अभियान में परेशानी आ रही हैं. अब जब मौसम खुला है तो सांबा के रहने वाले सिपाही कौशल कुमार सिंह का शव मिला है. कौशल का शव भी पांच दिन बाद मिला है. इन दोनों जगहों पर 11 दिसबंर से ये जवान लापता हैं.

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सेना के मुताबिक, 11 दिसंबर को करीब साढ़े आठ बजे गुरेज़ सेक्टर में दस जवान लाइन ऑफ कंट्रोल के पास गश्त लगा रहे थे, उसी दौरान मौसम खराब हो गया और तीन जवान फिसलकर नाले में गिर पड़े. सेना ने तुरंत इन जवानों को बचाने का काम शुरू किया. लेकिन मौसम की मार की वजह से बचाव अभियान चलाने में काफी परेशानी आ रही है. यह इलाका एलओसी से करीब 5-6 किलो मीटर पहले हैं. वहीं, कुपवाड़ा के नौगाम सेक्टर में भी 11 दिसंबर को ही शाम पांच बजे सेना के एक अफसर सहित दस जवान पेट्रोल पर थे तभी दो जवान पोस्ट के पास ढ़लान से गिर पड़े. यहां भी सेना की ओर से बचाव अभियान चलाया गया है, लेकिन अब तक केवल एक  जवान कौशल का शव ही बरामद किया जा सका है. 

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इन इलाकों में कई फुट बर्फ पड़ चुकी है और रूक-रुक कर बारिश भी हो रही है. इस वजह से सेना का बचाव कार्य ढंग से नहीं हो पा रहा है. सेना के मुताबिक, मौसम की वजह से यहां बचाव अभियान सिर्फ सुबह, शाम और रात को ही चल सकता है. दिन में बर्फीली तूफान का खतरा रहता है और इस वजह से बचाव अभियान दल के भी बर्फीली तूफान में फंसने का खतरा होता है. इस वजह से बचाव अभियान काफी संभल कर चलाना पड़ रहा है.     

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वैसे इसी साल भी गुरेज़ सेक्टर में बर्फीली तूफान की वजह से सेना के दस जवान और चार आम आदमी की मौत हो गयी थी. सेना का कहना हैं कि मौसम खराब होने के बावजूद अपना पोस्ट नहीं छोड़ सकते क्योंकि सीमा पार से आतंकी घुसपैठ कर इसका फायदा उठा सकते हैं.


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