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पाक सेना का दोहरा चरित्र: भारतीय सेना की फायरिंग में मारा गया था पाकिस्तानी जवान, अब सफेद झंडा दिखाकर LoC से ले गए शव- देखें Video

पाक के कब्जे वाले कश्मीर के हाजीपीर सेक्टर में 10-11 सितम्बर को भारतीय सेना की फायरिंग में पाक सेना के पंजाब रेजिमेंट का जवान गुलाम रसूल मारा गया.

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जम्मू कश्मीर:

पाक सेना का दोहरा चरित्र सामने आया है. पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के हाजीपीर सेक्टर में 10-11 सितम्बर को भारतीय सेना की फायरिंग में पाक सेना के पंजाब रेजिमेंट का जवान गुलाम रसूल मारा गया. उस वक़्त पाक सेना ने शव को अपने कब्जे में लेने के लिये जबरदस्त फायरिंग की. उसी दौरान पाक सेना का एक और पंजाबी मुसलमान जवान मारा गया. दो दिनों तक लगातार कोशिश के बावजूद भी पाक जब अपने जवानों का शव नहीं ले पाया तो 13 सितम्बर को पाक के पंजाब रेजीमेंट के जवानों ने सफेद झंडा दिखाकर शव को ले गए.

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भारतीय सेना ने भी इसका सम्मान करते हुए शव को ले जाने की इजाज़त दी, लेकिन इसके ठीक उलट 30-31 जुलाई को पाक सेना के केरन सेक्टर में मारे गए नॉर्दन लाइट इन्फैंट्री के पांच से सात जवान और कश्मीरी आतंकवादियों के शव लेने से इंकार कर दिया था.  वजह रही कि वो कश्मीरी या नॉर्दन लाइट इन्फैंट्री के जवान थे. 


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ऐसा ही पाक सेना ने 1999 में करगिल जंग के दौरान भी किया था. उस वक़्त मारे पाक सेना के जवानों का अंतिम संस्कार भारतीय सेना के जवानों ने किया था. पाक कश्मीरी और नॉर्दन लाइट के जवानों का इस्तेमाल अपने फायदे के लिये करती है. वहां पर पंजाबी मुसलमान चाहे वो सेना हो या फिर राजनीति हर जगह राज करते है. ये सच है जब सीमा पर पाक के पंजाबी मुसलमान मरता है तभी पाक जगता है बाकियों के तो वो मरने पर वो जिम्मेदारी लेने से भी मना कर देता है.

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