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जम्मू-कश्मीर के हालात: सुबह खुलते हैं बाजार, पर 11 बजे ही गिरा देते हैं शटर, सड़कों से नदारद हैं पब्लिक व्हीकल

कश्मीर में अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधान निरस्त किए जाने के बाद से जनजीवन मंगलवार को लगातार 79वें दिन भी मंगलवार को प्रभावित रहा.

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जम्मू-कश्मीर के हालात: सुबह खुलते हैं बाजार, पर 11 बजे ही गिरा देते हैं शटर, सड़कों से नदारद हैं पब्लिक व्हीकल

प्रतीकात्मक तस्वीर

खास बातें

  1. कुछ ऐसे हैं कश्मीर के हालात
  2. कश्मीर में जनजीवन अब भी बाधित
  3. अनुच्छेद 370 हटने के बाद का माहौल
जम्मू कश्मीर:

कश्मीर में अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधान निरस्त किए जाने के बाद से जनजीवन मंगलवार को लगातार 79वें दिन भी मंगलवार को प्रभावित रहा. बहरहाल, शहर के कुछ हिस्सों में यातायात गतिविधि बढ़ गयी है. अधिकारियों ने बताया कि बाजार और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान सबेरे-सबेरे खुलते हैं लेकिन वे सुबह करीब 11 बजे अपने शटर गिरा देते हैं. उन्होंने बताया कि घाटी के ज्यादातर हिस्सों में सार्वजनिक वाहन सड़कों से नदारद हैं लेकिन लाल चौक और जहांगीर चौक समेत शहर के कुछ इलाकों में निजी वाहनों की भारी भीड़ है.

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उन्होंने बताया कि निजी वाहनों की भारी भीड़ से कुछ इलाकों में यातायात जाम लग गया जिससे अधिकारियों को वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए और पुलिसकर्मियों को तैनात करना पड़ा. श्रीनगर में टीआरसी क्रॉसिंग-बटमालू पर बड़ी संख्या में रेहड़ी पटरी वालों ने अपना बाजार लगा रखा है. राज्य सरकार की स्कूलों को खोलने की कोशिशें सिफर रही क्योंकि माता-पिता बच्चों की सुरक्षा को लेकर कुछ आशंकाओं के चलते उन्हें स्कूल नहीं भेज रहे हैं.


बहरहाल, प्रशासन सभी बोर्ड परीक्षाओं को निर्धारित समय पर कराने की तैयारी कर रहा है. अधिकारियों ने बताया कि सरकारी कार्यालय खुले हैं और ज्यादातर कार्यालयों में उपस्थिति लगभग सामान्य है. घाटी में लैंडलाइन और पोस्टपेड मोबाइल फोन सेवाएं बहाल कर दी गई लेकिन सभी इंटरनेट सेवाएं बंद हैं. अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधान निरस्त करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने की केंद्र सरकार की पांच अगस्त की घोषणा के बाद से संचार सेवाओं पर प्रतिबंध लगा हुआ था.

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(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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