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जैश के भरोसे कश्मीर में आतंकी, चौकसी के बीच आतंकियों के पस्त होते हौसले

जम्मू-कश्मीर में जिस तरह से सुरक्षाबलों के हाथों आतंकी मारे जा रहे हैं, उससे लग रहा कि इस साल रिकार्ड तदाद में आतंकी मारे जायेंगे.

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जैश के भरोसे कश्मीर में आतंकी, चौकसी के बीच आतंकियों के पस्त होते हौसले

सुरक्षाबल (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. सुरक्षाबलों ने बीते छह महीने में 80 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया है.
  2. पिछले साल 150 आतंकी ही मारे गए थे.
  3. कश्मीर में सिर्फ जैश-ए-मोहम्मद ही सक्रिय.
जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर में जिस तरह से सुरक्षाबलों के हाथों आतंकी मारे जा रहे हैं, उससे लग रहा कि इस साल रिकार्ड तदाद में आतंकी मारे जायेंगे. इस साल अब तक 180 आतंकी मारे जा चुके हैं. जबकि पिछले साल 150 आतंकी ही मारे गए थे. आतंकियों के मरने के बढ़ते तदाद से आतंकियों के मददगार पाकिस्तान और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई की नींद ही उड़ गई है . एक-एक करके सुरक्षाबलों ने आतंकियों के लगभग सारे टॉप कमांडर को मार गिराए हैं.  बात चाहे लश्कर के अबू दुजाना की हो या फिर हिज्बुल के सब्जार की हो या कश्मीर में सबसे लंबे वक्त से सक्रिय आतंकी अब्दुल क्यूम की हो. 

सुरक्षाबलों ने पिछले छह महीने के भीतर ही 80 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया है. अब आतंकियों के आका ने अपना दांव जैश-ए-मोहम्मद पर खेला है, क्योंकि जैश का नाम कश्मीर के कई भयानक हमले से जुड़े हुए हैं. कश्मीर में जैश को छोड़कर कोई ऐसा आतंकी संगठन नही बचा है, जिसमें कोई खास दमखम हो. पर यहां भी उनका दांव उल्टा पड़ता दिख रहा है.  जिस तरह जैश के मुखिया मसूद अजहर का भतीजा तल्हा रशीद मारा गया, उससे उनके पांव उखरते हुए दिख रहे हैं. तल्हा को जैश, लश्कर व जाकिर मूसा के बीच समवन्य कराने के लिए भेजा गया था ताकि आतंकियों के बीच आपसी लड़ाई ना हो. 

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ये भी खबर है कि पिछले महीने बड़गाम जिले के अरिजाल इलाके में मूसा की लश्कर और जैश के आतंकियों के साथ बैठक भी तल्हा रशीद के पहल से ही हुई थी. इसी बैठक में जाकिर मूसा को एक हथियारों की खेप के साथ लश्कर व जैश के कुछ आतंकियों को सौंपा गया था. सुरक्षाबलों से मिली जानकारी के मुताबिक, जुलाई सितंबर में ही जैश के आतंकी उत्तरी कश्मीर के रास्ते कश्मीर में दाखिल हुआ थे. उसके साथ जैश के लगभग 15-16 आतंकियों ने दो से तीन गुटों में घुसपैठ की थी. इनका मकसद साफ है किसी बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देना. 

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ये आतंकी जब से कश्मीर आएं हैं तब से इन्होंने किसी छोटे हमले को अंजाम नहीं दिया है. ये हमेशा बड़े हमले की फिराक में रहते हैं. इन्हीं आतंकियों ने कश्मीर में दो बड़े आतंकी हमले को अंजाम दिया है. पहला पुलवामा में पुलिस लाइन पर और दूसरा श्रीनगर एयरपोर्ट के करीब बीएसएफ कैंप पर. सुरक्षाबल मानते हैं कि बेशक आतंकियों की कमर टूट चुकी है,  लेकिन आने वाले दिनों में कश्मीर में आतंकी भयानक हमलों को अंजाम दे सकते हैं. फिलहाल जैश के करीब 20 से 25 आतंकी कश्मीर में बचे हैं. सुरक्षाबलों को अंदेशा है कि ये अपना टारगेट तय करके ऐसा सटीक हमला करते हैं कि जिससे खौफ और आतंक ज्यादा फैलाया जा सकें. 

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VIDEO -  मुंबई एयरपोर्ट से आतंकी गिरफ्तार




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