खूंटी गैंगरेप के बाद पुलिसकर्मियों का अपहरण, गांववालों से झड़प और हत्या

ग्रामीणों ने मंगलवार को बीजेपी सांसद करिया मुंडा के घर पर हमला कर उनके तीन सुरक्षा गार्डों को अगवा कर लिया है.  

खूंटी गैंगरेप के बाद पुलिसकर्मियों का अपहरण, गांववालों से झड़प और हत्या

खूंटी गांव में पुलिसकर्मियों से भिड़ते गांव वाले (फाइल फोटो)

खास बातें

  • खूंटी में पुलिस और गांववालों में हुई झड़प
  • गैंगरेप के बाद से खराब हुए हालात
  • मंगलवार को पुलिसकर्मियों का हुआ था अपहरण
रांची:

झारखंड के खूंटी जिले में पिछले सप्ताह हुए गैंगरेप की वजह से हालात दिन पर दिन बेकाबू होते जा रहे हैं. एनजीओ के कार्यकर्ताओं के साथ हुए गैंगरेप के बाद इलाके में रहने वाले गांववालों और पुलिस के बीच झड़क की कई घटनाएं सामने आई है, इन झड़पों की वजह से हुई भगदड़ में कुछ ग्रामीणों की मौत की भी खबर है. इन सब के बीच ग्रामीणों ने मंगलवार को बीजेपी सांसद करिया मुंडा के घर पर हमला कर उनके तीन सुरक्षा गार्डों को अगवा कर लिया है.  पुलिस ने इस घटना के सामने आने के बाद विरोध प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों पर सख्ती की. पुलिस ने इस दौरान आंसू गैस के गोले छोड़े, लाठीचार्ज किया और साठ लोगों को हिरासत में ले लिया. इस घटना के बाद मौके से अन्य ग्रामीण भाग निकले और भगदड़ में एक युवक की मौत भी हो गई.

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इन सब के बाद भी पुलिस को अपहृत सिपाहियों का अब तक पता नहीं चल सका है. झारखंड पुलिस के प्रवक्ता अपर पुलिस महानिदेशक आर के मलिक ने बताया कि खूंटी के घाघरा में पुलिस और प्रशासन ने रातभर ग्रामीणों को समझाने बुझाने का प्रयास किया लेकिन उनके न मानने और अपहृत जवानों को रिहा न करने पर पुलिस ने आज तड़के कार्रवाई प्रारंभ की. उन्होंने कहा कि अभी भी कार्रवाई जारी है और क्षेत्र में पत्थलगड़ी की आड़ में गुंडागर्दी कर रहे लोगों पर नकेल कसी जायेगी तथा कानून का राज कायम किया जायेगा.

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मलिक ने बताया कि जल्द ही स्थिति नियंत्रण में होगी. मौके पर भारी संख्या में सशस्त्र पुलिस बल और खूंटी के पुलिस अधीक्षक तथा उपायुक्त कल शाम से स्वयं उपस्थित हैं. मलिक ने बताया कि पुलिस अधीक्षक एवं उपायुक्त के अथक प्रयास के बावजूद पत्थलगड़ी समर्थक अपहृत जवानों को रिहा करने को राजी नहीं हुए जिसके बाद सख्ती करनी पड़ी. पुलिस बल पर पत्थलगड़ी समर्थकों एवं उनके बहकावे में आये ग्रामीणों ने तीर-धनुष, तलवार एवं पत्थर से हमले किये जिससे निपटने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और फिर लाठीचार्ज किया.

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इस दौरान हुईभगदड़ में एक युवक की मौत हो गयी जबकि अनेक ग्रामीण एवं पुलिसकर्मी घायल हो गये. पुलिस की सख्ती देखते हुए घाघरा गांव में जमे पत्थलगड़ी समर्थक मौके से भाग निकले. पुलिस अपने सिपाहियों की तलाश में गांव के एक-एक मकान की तलाशी ले रही है. उन्होंने बताया कि जब तक सांसद के अंगरक्षकों को पत्थलगड़ी समर्थकों के चंगुल से नहीं छुड़ाया जाता तथा दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती पुलिस की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.

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VIDEO: झारखंड में पुलिस के तीन जवानों का अपहरण.

मलिक ने बताया कि पुलिस द्वारा कल पत्थलगड़ी के स्वयंभू नेता युसूफ पूर्ति के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट तामील करने की कार्रवाई प्रारंभ करने पर लोगों ने विरोध की कोशिश की. पूर्ति तो भारी संख्या में पुलिस बल देखकर मौके से फरार हो गया लेकिन उसके घर की सामान की कुर्की जब्ती की गई.(इनपुट भाषा से)