NDTV Khabar

रघुवर सरकार का रिपोर्ट कार्ड : राज्य में 75 फीसदी नक्सलियों का सफाया, 6 महीने में 50 हजार नौकरियों का वादा

इन तीन सालों में जो भी विकास के काम हुए, उसके लिए विपक्षी पार्टियों और सामाजिक संगठनों का भी धन्यवाद कहा

11 Shares
ईमेल करें
टिप्पणियां
रघुवर सरकार का रिपोर्ट कार्ड : राज्य में 75 फीसदी नक्सलियों का सफाया, 6 महीने में 50 हजार नौकरियों का वादा

रघुवर सरकार के तीन साल पूरे होने पर पेश किया रिपोर्ट कार्ड

खास बातें

  1. सीएम रघुवर ने कहा कि विरासत में मिली समस्याओं को सुलझाया
  2. बेरोजगारी चुनौती थी, लेकिन हमने अवसर की तरह लिया - रघुवर दास
  3. कानून से ऊपर कोई नहीं, पुलिस का काम सराहनीय- रघुवर दास
रांची: आज के ही दिन यानी गुरुवार को तीन साल पहले रघुवर दास ने झारखंड के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी. अपने तीन साल का लेखा-जोखा देने के लिए सीएम आवास पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन हुआ. सरकार के लगभग सभी मंत्री और सचिव स्तर के सारे अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद थे. मीडिया को संबोधित करते हुए रघुवर दास ने तीन साल के कार्यकाल का पूरा लेखा-जोखा प्रस्तुत किया. इन तीन सालों में जो भी विकास के काम हुए, उसके लिए विपक्षी पार्टियों और सामाजिक संगठनों का भी धन्यवाद कहा. वहीं, पहले की सरकार पर निशाना भी साधा. 

विरासत में मिली समस्याओं को सुलझाया
संबोधन शुरू करते ही सीएम रघुवर दास ने कहा कि हमारी सरकार को विरासत में कई तरह की समस्याएं मिली थी. उन सभी समस्याओं को सुलझाने का काम हमारी सरकार ने किया है. भावी विकास के लिए मजबूत नींव रखने का काम हमारी सरकार ने किया है. झारखंड जब से बना तब से यहां राजनीतिक अस्थिरता का माहौल रहा. हमारी सरकार ने राज्य को राजनीतिक अस्थिरता से बाहर लाने का काम किया. सरकार का मिशन और विजन है, सबका साथ-सबका विकास. सरकार सभी को साथ लेकर चलने का काम कर रही है.

सीएम रघुवर दास बोले- अगले साल की शुरुआत तक नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा झारखंड

2018-22 तक संकल्प से सिद्धि
सीएम रघुवर दास ने कहा कि 2017 को गरीब कल्याण वर्ष की तरह सरकार ने मनाया. लेकिन, 2018 से 2022 तक पीएम मोदी के रास्ते पर झारखंड को चलना है. आगे उन्होंने कहा कि 2018 से 2022 तक सरकार संकल्प से सिद्धि वर्ष के रूप में मनाएगी. एक नया झारखंड बनाया जाएगा, जहां बेरोजगारी, अशिक्षा और अभाव की जिंदगी के लिए कोई जगह नहीं होगी. गांव किसी भी राज्य की रीढ़ होती है. ये सरकार सिर्फ शहरों तक ही फोकस नहीं है, बल्कि गांव के हर व्यक्ति के बारे सोचती है. गांव में प्रति व्यक्ति आय में कैसे वृद्धि हो इस पर सरकार काम कर रही है.

बेरोजगारी चुनौती थी, लेकिन अवसर की तरह लिया
रघुवर दास ने कहा कि मेरी जब सरकार बनी तो राज्य में बेरोजगारी चरम पर थी. बेरोजगारी की वजह स्थानीय नीति का ना होना था. हमारी सरकार ने फौरन काम करते हुए स्थानीय नीति तैयार किया. स्थानीय नीति तैयार होते ही लोगों को सरकारी नौकरी मिलने लगी. तीन साल में सरकार ने एक लाख लोगों को सरकारी नौकरी दी, जिसमें 95 फीसदी झारखंड के ही निवासी हैं. आने वाले जून 2018 तक सरकार और 50,000 नौकरी लोगों को देने वाली है. सरकार की प्राथमिकताओं में बेरोजगारी सबसे ऊपर है.

झारखंड सीएम ने अचानक देर रात किया रांची का दौरा, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

कानून से ऊपर कोई नहीं, पुलिस का काम सराहनीय
सीएम रघुवर दास ने कहा कि राज्य में कानून से ऊपर कोई नहीं है. सबके लिए कानून एक जैसा है. पिछले तीन साल में पुलिस ने काफी अच्छा काम किया है. आगे उन्होंने कहा कि विकास वहीं संभव है, जहां शांति और सुरक्षा होती है. पुलिस ने राज्य में शांति और सुरक्षा का माहौल तैयार किया है. इसी वजह से विकास संभव हो पा रहा है. 2017 के आखिर तक नक्सलियों के खात्मे पर सीएम ने कहा कि सरकार का काम है, लक्ष्य को ऊंचा रखना. लक्ष्य ऊंचा होने की वजह से कोई भी काम मेहनत से किया जाता है. नक्सली मामले में भी यही हुआ है. राज्य में नक्सलियों का सफाया करीब 70-80 फीसदी हो गया है. आने वाले एक या दो महीने में झारखंड से पूरी तरह नक्सलियों का सफाया हो जाएगा.

आलोचना होनी चाहिए, मीडिया कर रहा अच्छा काम
सीएम रघुवर दास ने कहा कि लोकतंत्र में आलोचना होनी चाहिए. इससे ये पता चलता है कि आप कहां गलत हैं और कहां सही हैं. सरकार का काम है लोगों को बेहतर और सुरक्षित जीवन देना. इस काम में सही-गलत हो ही जाता है. ऐसे में मीडिया ही सरकार का आंख खोलने का काम करती है. आलोचना जरूरी है. ऐसे ही काम होते रहे तो देश को आर्थिक सुपर पावर बाने में झारखंड की अहम भूमिका रहेगी.

सरकार सुनिश्चित करेगी कि पैसों या चिकित्सा के अभाव में किसी की मौत न हो : सीएम रघुवर दास

टिप्पणियां
आंदोलन की उपज हूं, सोने के चम्मच से खाना नहीं खाया
सीएम रघुवर दास ने कहा कि इस बार न्यू झारखंड का बजट बनने जा रहा है. बजट बनाने से पहले राज्य के लोगों से रायशुमारी की गयी है. ये बजट जनता के लिए तैयार किया जा रहा है. आगे उन्होंने कहा कि मैं गरीबों का दुख अच्छे तरीके से समझता हूं. क्योंकि मैंने भी एक मजदूर के घर जन्म लिया है. मैं आंदोलन की उपज हूं. सोने का चम्मच क्या होता है मुझे नहीं पता. जेपी कहते थे कि व्यवस्था को व्यवस्थित करना ही सरकार का काम होता है. मैं इसी काम को करने की कोशिश करता हूं. एक शासक की जीत तभी होती है जब जनता का विश्वास शासक पर जम जाता है.

VIDEO: जनता के बीच पहुंचे दो मुख्यमंत्री


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement