NTPC ने लॉकडाउन में अपने कर्मचारियों के लिए उठाए कई बड़े कदम, दी जा रही है 'आर्ट ऑफ लिविंग' की ट्रेनिंग

एनटीपीसी के बयान के अनुसार, "कंपनी ने अपने 19,000 से अधिक कर्मचारियों और उनके परिजनों के लिए शिक्षण-प्रशिक्षण कार्यक्रम की पेशकश की है."

NTPC ने लॉकडाउन में अपने कर्मचारियों के लिए उठाए कई बड़े कदम, दी जा रही है 'आर्ट ऑफ लिविंग' की ट्रेनिंग

एनटीपीसी ने ऑनलाइन कोर्स के लिए वर्ल्‍ड बैंक के साथ गठजोड़ किया है.

नई दिल्ली:

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनटीपीसी (NTPC) ने सोमवार को कहा कि कंपनी कोरोनावायरस (Cornavirus) की रोकथाम के लिए लॉकडाउन के दौरान 19,000 से अधिक कर्मचारियों को 'आर्ट ऑफ लिविंग' समेत अन्य ऑनलाइन शिक्षण-प्रशिक्षण कार्यक्रम उपलब्ध करा रही है. इस पहल का मकसद इस मुश्किल समय में कर्मचारियों का मनोबल ऊंचा बनाये रखना और उनके हुनर को और निखारना है.

एनटीपीसी के बयान के अनुसार, "कंपनी ने अपने 19,000 से अधिक कर्मचारियों और उनके परिजनों के लिए शिक्षण-प्रशिक्षण कार्यक्रम की पेशकश की है."

कोविड-19 महामारी के कारण लगाए गए लॉकडाउन से जुड़ी शर्तों को पूरा करते हुए एनटीपीसी लर्निंग एंड डेवलपमेंट (L&D) रणनीति को गहन डिजिटलीकरण और ऑनलाइन प्रशिक्षण के माध्यम से इस तरह डिजाइन किया गया है कि इसकी सहायता से कर्मचारियों को और समृद्ध किया जा सके और वे इन सेवाओं को कहीं से भी हासिल कर सके.
 
एनटीपीसी ने यह भी कहा कि उसने अपने कर्मचारियों को एक कड़े ऑनलाइन तकनीकी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनने का मौका देने के लिए विश्व बैंक के साथ गठजोड़ किया है. इसमें कर्मचारी ऑनलाइन कक्षाओं में भाग ले सकेंगे और फिर प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकेंगे.

बिजली कंपनी के शीर्ष अध्ययन एवं विकास केंद्र पावर मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट ने तकनीकी, कार्यात्मक, स्वास्थ्य और सुरक्षा से लेकर विभिन्न विषयों में 250 से अधिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए हैं.
 
इसके अलावा एनटीपीसी के बिजलीघर परियोजनाओं पर स्थित क्षेत्रीय अध्ययन एवं विकास केंद्रों ने 100 से अधिक ऑनलाइन सीखने के अवसर पैदा किए हैं.

कंपनी ने कहा कि वह शिक्षण-प्रशिक्षण माध्यम से अपने कर्मचारियों को सीखने के लिए प्रेरित करने का प्रयास करती रही है. साथ ही ऐसी शिक्षण प्रणाली को अपनाती रही है जिनकी सहायता से विशिष्ट परिदृश्य के लिये उन्हें तैयार किया जा सके.

बयान के अनुसार कंपनी का मानना है कि संकट के दौर में भी अपने कौशल को बढ़ाना बेहद जरूरी है. इसलिए कंपनी ने एक और अनोखा कदम उठाते हुए '45-डे लर्निंग चैलेंज' के लिए साझेदारी की है, ताकि अपने कर्मचारियों को तकनीकी, वित्त और मानव संसाधन जैसे विभिन्न विषयों के बारे में 45 दिनों के दौरान पूरी तरह से प्रशिक्षित किया जा सके. यह प्रक्रिया कर्मचारी अपने घर से पूरी कर सकेंगे और इसके बाद प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकते हैं.

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इसके अलावा कंपनी ने कर्मचारियों को बेहतर प्रशिक्षण के लिए बाहरी एजेंसियों के साथ भी गठजोड़ किया है. 'आर्ट ऑफ लिविंग' के सहयोग से एक समग्र कल्याण कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है. सभी उम्र के कर्मचारी और परिवार के सदस्य इसमें भाग ले सकते हैं, जिससे वर्तमान मुश्किल हालात में उन्हें मजबूत और केंद्रित रहने में मदद मिल सके.

इसी तरह, कर्मचारी सहायता कार्यक्रम- ईएपी के माध्यम से परामर्श सेवाआ के आधार पर एक विशेष छह महीने की पहल, 'स्नेहल 2.0' को कर्मचारियों के परिवार के सदस्यों के लिए विस्तारित किया गया है.