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सुस्त कर्मचारियों पर न लगाएं आरोप, कुछ ऐसे करें डील...

शोधकर्ताओं के अनुसार, "जब मैनेजर (प्रबंधक) उद्देश्यपूर्ण व्यवहार दिखाते हैं, तब कर्मचारी बहुत ही कम काम छोड़ना पसंद करते हैं और इसके बजाय काम में ज्यादा रुचि दिखाते हैं. अतिरिक्त काम करना पसंद करते हैं और उनमें बेहतर प्रदर्शन करने की इच्छा जागती है और उनका चिड़चिड़ापन कम हो जाता है." 

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सुस्त कर्मचारियों पर न लगाएं आरोप, कुछ ऐसे करें डील...
अगर आप अपने कर्मचारी को काम में सुस्त, आलसी और निकम्मा मानते हैं, तो उस पर आरोप लगाना बंद करें. इसके बजाय उन्हें प्रोत्साहित कर एक उद्देश्य के साथ अपनी व्यावसायिक जिंदगी को सफल बनाने की शुरुआत करें. शोधकर्ताओं के अनुसार, "जब मैनेजर (प्रबंधक) उद्देश्यपूर्ण व्यवहार दिखाते हैं, तब कर्मचारी बहुत ही कम काम छोड़ना पसंद करते हैं और इसके बजाय काम में ज्यादा रुचि दिखाते हैं. अतिरिक्त काम करना पसंद करते हैं और उनमें बेहतर प्रदर्शन करने की इच्छा जागती है और उनका चिड़चिड़ापन कम हो जाता है." 

यह शोध किसी कार्यस्थल पर उद्देश्यपूर्ण नेतृत्व को तीन प्रमुख गुणों में वर्गीकृत करता है. पहला नेतृत्व के पास एक मजबूत नैतिक इरादा होना चाहिए, दूसरा साझेदार के प्रति एक वचनबद्धता और तीसरा उसके पास एक एक स्पष्ट दूरदर्शिता होनी चाहिए. 

ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ ससेक्स में प्रोफेसर कैथरीन बेली ने कहा, "यह शोध बताता है कि आधुनिक कार्यस्थल दिल और दिमाग के लिए एक संघर्ष स्थल की तरह हैं, क्योंकि वहां नियम और जिम्मेदारी प्रमुख रूप से होती है." 

लोग एक संगठन से आशा करते हैं कि वह लघु अवधि वाले उद्देश्यों और वित्तीय अनिवार्यताओं से ऊपर होंगे. वर्ष 2008 की मंदी के लिए कई लोग इन्हीं सब कारणों को दोषी ठहराते हैं. 

एक गैर सरकारी संगठन सीआईपीडी के सहयोग से किए गए इस शोध के बारे में बेली ने कहा, "इन सबके बदले में, वे (कर्मचारी) उन नेतृत्वकर्ताओं को प्रतिक्रिया देते हैं, जो न केवल उनका, बल्कि व्यापक समाज का ख्याल रखते हैं और जिनके पास मजबूत सिद्धांत और नैतिकताएं होती हैं और किसी उद्देश्य के साथ व्यवहार करते हैं." 

शोधकर्ता सुझाव देते हैं कि यहां बहुत कुछ ऐसा है, जिसका उपयोग संगठन उद्देश्यपूर्ण और नैतिकतापूर्ण नेतृत्व को बढ़ाने के लिए कर सकते हैं. इनमें प्रासंगिक नीतियां, नेतृत्व की एक उदाहरण प्रस्तुत करने वाली भूमिका, एक स्पष्ट लक्ष्य रेखा, प्रशिक्षण एवं विकास और संगठनात्मक संस्कृति शामिल है. 

यूनिवर्सिटी ऑफ ग्रीनविच के अमांडा शंटज कहते हैं, "कर्मियों के पूरे व्यक्तित्व का विकास करने की जरूरत है. इसको स्वीकार करते हुए हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि सभी को एक सांचे वाले सिद्धांतों और नैतिकता में ढालना संभव नहीं है.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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