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सचिवालय के पास टोल बूथ पर सेना की तैनाती से भड़कीं ममता बनर्जी ने पूछा, 'क्‍या यह सैन्‍य तख्‍तापलट है?'

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सचिवालय के पास टोल बूथ पर सेना की तैनाती से भड़कीं ममता बनर्जी ने पूछा, 'क्‍या यह सैन्‍य तख्‍तापलट है?'

सीएम ममता बनर्जी ने टोल प्लाजा पर सेना की तैनाती पर आपत्ति जताई...

खास बातें

  1. ममता ने कहा कि क्या यह संघीय व्यवस्था पर हमला है
  2. इस मुद्दे को लेकर राष्ट्रपति से बात करने की बात कही
  3. ममता ने दावा किया कि सेना तैनात होने से लोगों में अफरातफरी
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मांग के बाद राज्य सचिवालय नबन्ना के पास स्थित टोल प्लाजा से सैन्य कर्मियों को देर रात हटा लिया गया. दूसरे हुगली पुल के टोल प्लाजा पर सैन्यकर्मियों के लिए बनाए गए एक अस्थायी शेड को भी हटा दिया गया है.

हालांकि सैन्यकर्मियों को हटाने के बारे में सेना की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अभी भी नबन्ना में ही हैं, जिन्होंने टोल प्लाजा से सैन्यकर्मियों के हटने तक कार्यालय छोड़ने से इनकार कर दिया था.

ममता बनर्जी का आरोप है कि प्रदेश सरकार को सूचित किए बगैर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या दो पर पलसित और दानकुनी के दो टोल प्लाजा पर सेना तैनात की गई है, जो 'अभूतपूर्व और गंभीर मुद्दा है.' राज्य सचिवालय से ममता ने कहा, 'राज्य सरकार को सूचित किए बगैर दो टोल प्लाजा पर सेना तैनात की गई है. यह बहुत गंभीर स्थिति है, आपातकाल से भी खराब.' ममता बनर्जी ने राज्य सचिवालय में ही रुके रहने का फैसला करते हुए कहा कि जब तक टोल प्लाजा से सेना नहीं हटाई जाती, वह तब तक वहां से नहीं जाएंगी.

यह अटकल गलत है कि टोल प्लाजा को नियंत्रण में ले रहे हैं : सेना
इससे पहले, देर रात सेना ने कहा कि वह पश्चिम बंगाल पुलिस की पूरी जानकारी और समन्वय के साथ नियमित अभ्‍यास कर रही है. सेना की पूर्वी कमान ने ट्विटर पर एक बयान में कहा, 'सेना पश्चिम बंगाल पुलिस की पूरी जानकारी और समन्वय के साथ नियमित अभ्‍यास कर रही है. यह अटकल गलत है कि सेना टोल प्लाजा का नियंत्रण ले रही है'. कोलकाता पुलिस ने हालांकि कहा कि उसने सेना के इस अभ्‍यास पर सुरक्षा कारणों और यातायात समस्या की वजह से आपत्ति जताई थी.

ममता का सवाल, क्या इस देश में सेना द्वारा तख्ता पलट किया जा रहा है?
हालांकि, ममता ने कहा, 'उनका इरादा राजनीतिक, असंवैधानिक, बदले की भावना, अनैतिक, अलोकतांत्रिक है. मैंने निर्णय किया है कि जब तक सेना को इस सचिवालय के सामने से नहीं हटाया जाता है, मैं यहां से नहीं जाउंगी. मैं आज रात यहां ठहरूंगी. क्या इस देश में सेना द्वारा तख्ता पलट किया जा रहा है?'

ममता बोलीं- क्या यह संघीय व्यवस्था पर हमला है...
मुख्‍यमंत्री ने जानना चाहा, "क्या यह संघीय व्यवस्था पर हमला है. हम विस्तार में जानकारी चाहते हैं. मुख्य सचिव केंद्र को पत्र लिख रहे हैं. अवसर मिलने पर इस मुद्दे को लेकर मैं राष्ट्रपति से बात करूंगी. क्या देश में अघोषित आपातकाल लागू कर दिया गया है?" मुख्यमंत्री ने कहा, "सेना हमारी संपति है. हमें उन पर गर्व है. हमें बड़ी अापदाओं और सांप्रदायिक तनाव के दौरान सेना की जरूरत होती है." उन्होंने कहा, "मैं नहीं जानती कि क्या हुआ है. यदि छद्म अभ्यास है, तब भी राज्य सरकार को सूचित किया जाता है." ममता ने दावा किया कि टोल प्लाजा पर सेना तैनात होने के कारण लोगों में अफरा-तफरी है.

मैं पूरी स्थिति को करीब से देख रही हूं : ममता बनर्जी
ममता ने संवाददाताओं से कहा, 'वे (सेना) क्यों यहां खड़े हैं. पुलिस आयुक्त ने उन्हें जाने को कहा, लेकिन वे अब भी यहां खड़े हैं. मैं पूरी स्थिति को करीब से देख रही हूं. मैं अपने लोगों की संरक्षक हूं और जब तक सेना यहां खड़ी है, मैं सचिवालय से नहीं जा सकती'. ममता ने दावा किया, 'राज्य सरकार को सूचना दिए बगैर यहां सेना तैनात की गई है. यह अप्रत्याशित है और एक बहुत गंभीर मामला है'. उन्होंने कहा, 'यह सचिवालय एक संवेदनशील क्षेत्र है और टोल प्लाजा एक संवेदनशील जगह है. यहां सेना क्यों है? वे जो भी कारण दे रहे हैं, वह सही नहीं है. वे झूठ बोल रहे हैं. वे समय-समय पर अपने कारण बदल रहे हैं. गृह मंत्रालय के पास विभिन्न राज्यों में चल रहे वाहनों के संपूर्ण आंकड़े हैं'.

इस अभ्‍यास को लेकर चिंतित होने की कोई वजह नहीं है : रक्षा प्रवक्‍ता
इससे पहले एक रक्षा प्रवक्ता ने कहा था कि लोड कैरियर्स के बारे में आंकड़ें हासिल करने के लिए सेना द्वारा देशभर में किए जाने वाले द्विवार्षिक अभ्‍यास को लेकर चिंतित होने की कोई वजह नहीं है. संपर्क करने पर एक रक्षा प्रवक्ता ने कहा कि सेना साल में दो बार देशभर में ऐसा अभ्यास करती है, जिसका लक्ष्य सड़कों के भारवहन संबंधी आंकड़े एकत्र करना होता है, जिसके मुश्किल घड़ी में सेना को उपलब्ध कराया जा सके. विंग कमांडर एसएस बिर्दी ने कहा, "इसमें चौंकाने वाला कुछ भी नहीं है क्योंकि यह सरकारी आदेश के अनुसार होता है."

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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