शादी की लड्डू खाने से पछतावा नहीं मिलती है ये खुशी

जिन कपल की आय साल में 60 हजार अमेरिकी डॉलर (लगभग 39 करोड़) से कम है, उनमें अच्छा कमाने वाले अविवाहित लोगों की तुलना में डिप्रेशन के लक्षण कम पाए गए हैं.

शादी की लड्डू खाने से पछतावा नहीं मिलती है ये खुशी

शादी करने से अवसाद हो सकता है कम: अध्ययन

खास बातें

  • शादी करने के होते हैं फायदे
  • रिसर्च में हुआ खुलासा
  • नहीं होती ये बीमारी
नई दिल्ली:

एक कहावत है कि शादी का लड्डू जो खाएं वो भी पछताएं और जो न खाएं वो भी पछताएं. हालांकि एक अध्ययन में जो बात सामने आई है उससे शादी करने के बाद किसी तरह का पछतावा नहीं होने के संकेत मिलते है. इस अध्ययन के अनुसार शादी करने से अवसाद (Depression) कम हो सकता है.

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अध्ययन के मुताबिक जो लोग शादी करते हैं और जिनकी प्रतिवर्ष कुल घरेलू आय 60 हजार अमेरिकी डॉलर (लगभग 39 करोड़) से कम है, उनमें अच्छा कमाने वाले अविवाहित लोगों की तुलना में डिप्रेशन के लक्षण कम पाए गए हैं. हालांकि , अमेरिका में जॉर्जिया स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के मुताबिक अधिक कमाई वाले जोड़ों के लिए शादी से उसी तरह के मानसिक स्वास्थ्य लाभ नहीं दिखते है.

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जर्नल सोशल साइंस रिसर्च में प्रकाशित एक अध्ययन में यह बात कही गई है. शोधकर्ताओं ने एक राष्ट्रीय अध्ययन से आंकड़ों की जांच की जिसमें अमेरिका में 24 से 89 वर्ष की आयु में 3,617 वयस्कों के साक्षात्कार शामिल थे और ये कई सालों से विशिष्ट अंतराल पर लिये गए थे. इस सर्वेक्षण में सामाजिक, मनोवैज्ञानिक, मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य विषय शामिल हैं. जार्जिया स्टेट के एक सहायक प्रोफेसर बेन लेनोक्स कैल ने कहा,‘‘ जो लोग विवाहित है और जो एक वर्ष में 60 हजार अमेरिकी डालर से कम कमाई करते है उनमें डिप्रेशन के कम लक्षण दिखाई देते है.’’ 

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