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अब बुढ़ापे में भी स्ट्रॉन्ग हो सकेंगी हड्डियां, रिसर्च में हुआ खुलासा

वैज्ञानिकों ने इस बात का पता लगा लिया है कि बुढ़ापे में लोगों की मांसपेशियां क्यों कमजोर होने लगती है.

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अब बुढ़ापे में भी स्ट्रॉन्ग हो सकेंगी हड्डियां, रिसर्च में हुआ खुलासा

बुढ़ापे में कमजोर पड़ रही मांसपेशियों को ठीक करना संभव हो सकेगा

खास बातें

  1. कनाडा की यूनिवर्सिटी में हुई रिसर्च
  2. तंत्रिका तंत्र में बदलाव से मांसपेशियां कमजोर
  3. भविष्य में इलाज संभव
नई दिल्ली: जैसे- जैसे लोग बुढ़ापे की तरफ बढ़ते जाते हैं उनकी मांसपेशियां तेजी से छोटी और कमजोर पड़ती जाती हैं, जिससे कमजोरी और अक्षमता बढ़ती जाती है. लंबे समय तक जीने वाले हर व्यक्ति को इस प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है. हालांकि अब तक इस प्रक्रिया को बेहतर तरीके से समझा नहीं जा सका था.

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लेकिन अब वैज्ञानिकों ने इस बात का पता लगा लिया है कि बुढ़ापे में लोगों की मांसपेशियां क्यों कमजोर होने लगती है. ऐसी संभावना है कि इस खोज से भविष्य में इसका इलाज संभव हो सकेगा. 'जर्नल ऑफ फिजियोलॉजी’ में प्रकाशित अनुसंधान से पता चला है कि तंत्रिका तंत्र में बदलाव होने की वजह से मांसपेशियां कमजोर होती जाती हैं. 

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ब्रिटेन की मैनचेस्टर मेट्रोपोलिटन यूनिवर्सिटी और द यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के साथ ही कनाडा के यूनिवर्सिटी ऑफ वाटरलू के अनुसंधानकर्ताओं ने मांसपेशी उत्तक के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल करने के लिए एमआरआई का इस्तेमाल किया.

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75 साल की उम्र तक पैरों को नियंत्रित करने वाला तंत्रिका तंत्र 30 से 50 फीसदी तक कमजोर हो जाता है. इससे मांसपेशियों के कुछ हिस्से का संपर्क तंत्रिका तंत्र से टूट जाता है. इस प्रक्रिया में मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं.

देखें वीडियो - तन्हा बुढ़ापा
 



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