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चक्रासन : आपकी सदा जवान दिखने की चाहता को पूरा करता है ये योगासन

चक्रासन करने से सांस के रोग भी दूर होते हैं, यह आंखों के लिए भी काफी अच्छा माना जाता है. इतना ही नहीं चक्रासन सर्वाइकल और स्पोंडोलाईटिस जैसी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए काफी फायदेमंद है. 

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चक्रासन : आपकी सदा जवान दिखने की चाहता को पूरा करता है ये योगासन

योग मन की शांति और शरीर को स्वोस्थ बनाने में बहुत अहम रोल निभाता है.

योग मन की शांति और शरीर को स्वोस्थ बनाने में बहुत अहम रोल निभाता है. अक्सर लोग सोच बैठते हैं कि योग केवल शरीर को लचीला बनाने के लिए ही किया जाता है, लेकिन ऐसा नहीं है. योग के ढेरों आसन हैं, जिनके कई फायदे हैं. योग की सहायता से आप जीवन भर जवां और स्वस्थ  बने रह सकते हैं. 

रहना है सदा जवां
 
vajrasana 625

अगर आपकी भी चाहत है कि आप बढ़ती उम्र के साथ ढ़लने की बजाए तंदरुस्त ही रहें, तो आपको अपनाना चाहिए चक्रासन. जी हां, चक्रासन योग को नियमित करने से रीढ़ की हड्डी लचीली बनी रहती है और शरीर भी हमेशा जवां बना रहता है. चक्रासन करने से सांस के रोग भी दूर होते हैं, यह आंखों के लिए भी काफी अच्छा माना जाता है. इतना ही नहीं चक्रासन सर्वाइकल और स्पोंडोलाईटिस जैसी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए काफी फायदेमंद है. 

कैसे करें 
  • कोई भी आसन करने से पहले शरीर को वॉर्मअप कर लें. 
  • चक्रासन के लिए पीठ के बल लेटकर घुटनों को मोड़ें. 
  • ध्यान रखें कि आपकी एडियां कूल्हों के पास हों. 
  • इसके बाद दोनों हाथों को उल्टा कर कंधों के पीछे एक-दूसरे से थोड़ी दूरी पर रखें. 
  • अब धीरे-धीरे अपने पेट को हवा में उठाएं और हाथ और पैरों को पास लाने का प्रयास करें. 
  • इससे शरीर चक्र से मिलती-जुलती शेप में आ जाता है. 
  • ध्यान रहे इस प्रक्रिया के खत्म करते समय शरीर को ढीला रखें. 
  • इस आसन को नियमित रूप से कम से कम 3-4 बार करना चाहिए.

क्या हों सावधानियां 
  • अगर आप उच्च रक्तचाप, दिल के रोग या हर्निया से पीडित हैं, तो इस आसन को न करें. 
  • इसके अलावा गर्भवति महिलाएं भी इस योगासन से दूर रहें. 
  • स्पोंरडलाटिस के रोगी को भी यह आसन नहीं करना चाहिए.



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