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Children's Day 2017: बाल दिवस पर जानिए चाचा नेहरू के जीवन की ये बातें

पंडित जवाहर लाल नेहरू एक विस्थापित कश्मीरी पंडित परिवार से आते थे.

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Children's Day 2017: बाल दिवस पर जानिए चाचा नेहरू के जीवन की ये बातें
भारत में 14 नवंबर को बाल दिवस के तौर पर मनाया जाता है. इसी दिन देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू का जन्मदिवस भी मनाया जाता है. उन्हें सभी लोग चाचा नेहरू के नाम से जानते थे. नेहरू को बच्चों से काफी ज्यादा लगाव था, वे हमेशा बच्चों के साथ उनके बीच होते थे. बच्चों के प्रति उनके इसी प्यार और स्नेह के कारण भारत में उनके जन्मदिन को बाल दिवस के तौर पर मनाया जाने लगा. पंडित नेहरू हमेशा बच्चों के प्रति प्यार और उन्हें महत्व देने की बात करते थे. वह कहते थे आज के बच्चे ही कल के भारत की नींव रखेंगे. जैसा हम उन्हें बड़ा करेंगे वैसा ही देश का भविष्य भी होगा.

बाल दिवस के दिन स्कूलों, दफ्तरों और कई संस्थानों में कई तरह के आयोजन होते हैं. जिनमें बच्चे ही हिस्सा लेते हैं और अपने नाटक या कविता से चाचा नेहरू को याद करते हैं. राष्ट्रीय बाल दिवस पर होने वाले कार्यक्रमों में झंडे लेकर रैली निकालना, खेल प्रतियोगिताएं, गायन-नृत्य प्रतियोगिता और बच्चों को कई तरह के खिलौने और फल दिए जाते हैं. 
  बाल दिवस पर जानिए चाचा नेहरू की ये बातें
1. पंडित जवाहर लाल नेहरू एक विस्थापित कश्मीरी पंडित परिवार से आते थे. वह पेशे से वकील पंडित मोतीलाल नेहरू और हाउस वाइफ स्वरूप रानी के चार बच्चों में सबसे बड़े पुत्र थे. 

2. जवाहर लाल नेहरू ने अपनी 16 साल तक की उम्र में अंग्रेजी की अच्छी खासी पढ़ाई कर ली थी. भारत की संस्कृति को जानने के लिए उन्होंने हिंदी और संस्कृत का भी संपूर्ण ज्ञान प्राप्त किया. इसके बाद 1905 में नेहरू अपनी आगे की पढ़ाई के लिए इंग्लैंड चले गए. उन्होंने यहां तीन साल रहकर कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से नेचुरल साइंस में ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. उन्होनें इसके बाद लंदन में 2 साल की उच्च शिक्षा प्राप्त कर बैरिस्टर बनने के लिए क्वालिफाई किया.

3. जवाहर लाल नेहरू ने 1916 में कमला नेहरू से शादी कर ली, इसके एक साल बाद उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया जिसका नाम इंदिरा प्रियदर्शनी था. 

4. नेहरू का वकालत के प्रति भी काफी जुनून था. वह इसके लिए वकालत की प्रैक्टिस भी करते थे. लेकिन यह काफी कम समय के लिए ही था. इसके बाद जवाहर लाल नेहरू को महात्मा गांधी की बिना भय और नफरत के ब्रिटिश साम्राज्य के प्रति उनकी विचारधारा ने प्रभावित किया. 

5. जवाहर लाल नेहरू लोगों के प्रधानमंत्री होने के साथ-साथ एक अच्छे राजनेता, बुद्धिजीवी और एक स्कॉलर थे. इसके अलावा वह उस दौर के सबसे लंबे कद के प्रधानमंत्री भी थे. उन्होंने अर्थव्यवस्था, विज्ञान, टेक्नॉलजी, अन्तरराष्ट्रीय संबंध और शिक्षा की बड़ी योजनाओं से देश को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाने का काम किया. 
 
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