पेट में 15 कैन बीयर डालकर डॉक्‍टरों ने बचाई मरीज की जान, ऐसी हो गई थी हालत

शराब दो तरह की होती है- मीथेनॉल और ऐथनॉल. गौर करने वाली बात यह है कि अगर आप शराब पीना छोड़ भी दें तब भी आपका आमाशय लंबे समय तक रक्‍तधमनियों में शराब भेजना जारी रखता है. 

पेट में 15 कैन बीयर डालकर डॉक्‍टरों ने बचाई मरीज की जान, ऐसी हो गई थी हालत

बीयर ट्रांसफ्यूज करने के बाद मरीज की जान बच गई

नई दिल्ली:

एक शख्‍स को ऐल्‍कोहॉल पॉइजनिंग हो गई थी और उसकी जान खतरे में थी. ऐसे में डॉक्‍टरों ने उस व्‍यक्ति के पेट में पांच लीटर बीयर डालकर उसकी जिंदगी बचा ली. मामला वियतनाम का है. 

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खबरों के मुताबिक, मध्‍य वियतनाम के क्‍वांग्र ट्री प्रांत के एक अस्‍पताल में इस जीवन रक्षक प्रणाली को अपनाया गया, जहां डॉक्‍टरों ने  15 कैन बीयर को पंप करके 48 साल के एनग्‍वेन वान नहाट के पेट में डाला. 

खबर के मुताबिक मरीज के पेट में मीथेन का स्‍तर सामान्‍य सीमा से 1,119 गुना ज्‍यादा था. ऐसे में मरीज की हालत को स्थिर बनाए रखने के लिए डॉक्‍टरों ने उसके शरीर में बीयर की तीन कैन डालीं, ताकि लीवर की मीथेन बनाने की क्षमता को कम किया जा सके. 

आपको बता दें कि शराब दो तरह की होती है- मीथेनॉल और ऐथनॉल. गौर करने वाली बात यह है कि अगर आप शराब पीना छोड़ भी दें तब भी आपका आमाशय लंबे समय तक रक्‍तधमनियों में शराब भेजना जारी रखता है. 

बीयर में ऐथनॉल पाई जाती है और अगर इसे ज्‍यादा मात्रा में पिया जाए तो यह आपको बीमार बना सकती है. वहीं, दूसरी तरफ मीथेनॉल इससे भी ज्‍यादा खतरनाक है. अगर इसे तय सीमा से ज्‍यादा मात्रा में पिया जाए तो आपकी जान भी जा सकती है. 

इस मामले में मरीज के शरीर में तुरंत ही तीन कैन बीयर डाली गई. इसके बाद हर घंटे में एक-एक कैन बीयर ट्रांसफ्यूज की गई. इस तरह उसके शरीर में कुल 15 कैन बीयर डालने के बाद मरीज होश में आ गया. 

7News के मुताबिक, मीथेन शरीर में एसिड न बना सके इसके लिए मीथेनॉल प्रभ‍ावित मरीज के शरीर में बीयर ट्रांसफ्यूज की जाती है ताकि डॉक्‍टरों को डायलिस‍िस करने के लिए पर्याप्‍त समय मिल सके. 

अच्‍छी बात यह रही कि मरीज अब पूरी तरह से ठीक है और उसे कुछ हफ्तों बाद अस्‍पताल से छुट्टी भी मिल गई.

 
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