NDTV Khabar

बदल रहा है मौसम, पर न बदलनें दें दिल का स्वस्थ मिजाज... यूं रखें खास ख्याल

बदलते मौसम और सर्दियों में आलस की वजह से अक्सर लोग अपने शरीर को तंदुरुस्त रखने पर ध्यान नहीं देते. इस मौसम में काफी मात्रा में दिल के रोगियों की संख्या में इजाफा होता है. इसकी वजह है कि सर्दियों में सबसे ज्यादा खतरा दिल को रहता है. तो जानें कि बदलते मौसम में अपने दिल की हिफाजत कैसे करें...

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
बदल रहा है मौसम, पर न बदलनें दें दिल का स्वस्थ मिजाज... यूं रखें खास ख्याल

बदलते मौसम और सर्दियों में आलस की वजह से अक्सर लोग अपने शरीर को तंदुरुस्त रखने पर ध्यान नहीं देते.

मौसम बदल रहा है, बरसात के बाद जल्द ही सर्दियां दस्तकत देने वाली हैं. सर्दियों के इस मौसम में उन लोगों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है, जो दिल और फेफड़ों के रोगों से पीड़ित होते हैं. इस मौसम में ऐसे मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगती है. बदलते मौसम और सर्दियों में आलस की वजह से अक्सर लोग अपने शरीर को तंदुरुस्त रखने पर ध्यान नहीं देते. इस मौसम में काफी मात्रा में दिल के रोगियों की संख्या में इजाफा होता है. इसकी वजह है कि सर्दियों में सबसे ज्यादा खतरा दिल को रहता है. तो जानें कि बदलते मौसम में अपने दिल की हिफाजत कैसे करें...

सिकुड़ती हैं दिल की धमनियां
 
heart

अचानक से मौसम में आए ठंडे बदलावों के चलते मौसम की वजह से दिल की धमनियां सिकुड़ जाती हैं. ऐसा होने से दिल में खून और ऑक्सीजन का प्रवाह कम हो जाता है. इसी वजह से हाइपरटेंशन और दिल के मरीजों में ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है. ठंडे मौसम में ब्लड प्लेट्लेट्स ज्यादा सक्रिय और चिपचिपे होते हैं, इसलिए रक्त के थक्के जमने की आशंका भी बढ़ जाती है."
 
अब खुद को नहीं डायबिटीज को करें कंट्रोल, यहां हैं टिप्स...
 
विटामिन डी की कमी
 
winters 650

सर्दियों में सीने का दर्द और दिल के दौरे का जोखिम बढ़ जाता है. सर्दियों में धूप हल्की और कम निकलने के कारण मानव शरीर में विटामिन 'डी' की कमी भी हो जाती है. ऐसे में इस्केमिक हार्ट डिसीज, कंजस्टिव हार्ट फेल्योर, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. सर्दियों में दिन छोटे हो जाते हैं और लोग भी ज्यादा समय घर के अंदर ही बिताते हैं, इसलिए विटामिन 'डी' की कमी ज्यादा होती है. सर्दियों में उचित मात्रा में धूप सेंकना बेहद जरूरी है."
 
अवसाद भी है वजह
 
hypertension 650 istock
बदलते मौसम में अक्सर बड़ी उम्र के लोगों में अवसाद बढ़ जाता है. इससे तनाव बढ़ता है और हाइपरटेंशन होने से, पहले से कमजोर दिल पर और दबाव पड़ जाता है. सर्दियों के अवसाद से पीड़ित लोग ज्यादा चीनी, ट्रांसफैट और सोडियम व ज्यादा कैलोरी वाला आरामदायक भोजन खाने लगते हैं, जो मोटापे, दिल के रोगों और हाइपरटेंशन से पीड़ित लोगों के लिए यह बहुत ही खतरनाक हो सकता है. इस मौसम में शरीर को गर्मी प्रदान करने के लिए दिल ज्यादा जोर से काम करने लगता है और रक्त धमनियां और सख्त हो जाती हैं. ये सब चीजें मिलकर हार्ट अटैक को बुलावा देती हैं.

टिप्पणियां

नजरअंदाज न करें सेहत
 
healthy heart protein ct1

Photo Credit: iStock


उम्रदराज और उन लोगों को, जिन्हें पहले से दिल की समस्याएं हैं, छाती में असहजता, पसीना आना, जबड़े, कंधे, गर्दन और बाजू में दर्द के साथ ही सांस फूलने की समस्या बढ़ जाती है. सर्दियों में ऐसे तकलीफों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
उनकी सलाह है कि नियमित रूप से व्यायाम करें और संतुलित व पौष्टिक भोजन लें, ताकि इन समस्याओं से बचा जा सके.
इस मौसम में अगर आपके रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) में कोई असामान्य बदलाव नजर आए, तो दिल को सुरक्षित रखने के ख्याल से तुरंत अपने डॉक्टर की सलाह लें.

कुछ अन्य सलाह :
* मौसम के हिसाब से जीवनशैली में बदलाव लाएं
* ठंडे मौसम में कम थकान वाला व्यायाम करें
* जॉगिंग, योग और एरोबिक्स करते हों, तो उसे जारी रखें
* सुबह जल्दी और देर रात तक बाहर रहने से परहेज करें
* शराब और सिगरेट से दूर ही रहें तो अच्छा.



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement