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खड़े होकर पानी पीना आपके शरीर के लिए हो सकता है खतरनाक

घर में बड़े-बूढ़े अकसर ही कहते हैं कि खड़े होकर पानी नहीं पीना चाहिए, लेकिन हम उनकी इस हिदायत को हर बार नजरअंदाज करते हैं.

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खड़े होकर पानी पीना आपके शरीर के लिए हो सकता है खतरनाक

पानी बैठकर धीरे-धीरे पीना चाहिए

खास बातें

  1. खड़े होकर पानी पीने से जोड़ाें में दर्द होता है
  2. पानी पीते समय पानी की स्‍पीड कम होनी चाहिए
  3. खाते-पीते समय पॉश्‍चर सही होना चाहिए
नई द‍िल्‍ली : पानी पीने का भी एक तरीका होता है. चौंकिए मत, यह बिलकुल सच है. अब तक आपने सिर्फ क्‍या खाएं और कैसे खाएं के बारे में ही सोचा होगा, लेकिन क्‍या आपने कभी पानी पीने के सही तरीके के बारे में भी सोचा है? जी हां, ईटिंग हैबिट की
तरह पानी पीने का सही तरीका अपनाना भी बेहद जरूरी है. पानी पीते वक्‍त हम ज्‍यादा सोचते नहीं हैं. जब हमें प्‍यास लगती है तब हम पानी के टेम्‍परेचर यानी कि ठंडा-गरम देखकर उसे झट से पी लेते हैं. घर में बड़े-बूढ़े अकसर ही कहते हैं कि
खड़े होकर पानी नहीं पीना चाहिए, लेकिन हम उनकी इस हिदायत को हर बार नजरअंदाज करते हैं. लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि खड़े होकर पानी पीना आपके शरीर के लिए खतरनाक हो सकता है?

पढ़ें: आपके लिए कितना जरूरी है पानी 

आयुर्वेद हमेशा ऐसी लाइफस्‍टाइल को अपनाने के लिए प्ररित करता है जो नेचर के अनुकूल हो. जब आप खड़े होकर पानी पीते हैं तब आपकी नसें तनाव में आ जाती हैं. नसों के तनाव में आने से शरीर का फाइट सिस्‍टम एक्टिव हो जाता है और इससे शरीर को किसी खतरे का अंदेशा होने लगता है. आयुर्वेदिक व‍िशेषज्ञ डॉक्‍टर धनवन्‍तरि का कहना है कि खड़े होकर पानी पीने का सीधा संबंध पानी पीने की स्‍पीड से है. पानी खड़े होकर किस स्‍पीड से पिया जा रहा है इस पर बहुत कुछ निर्भर करता है.

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ऐसा कहा जाता है कि स्‍टैंडिंग पेाजिशन में पानी पीने की स्‍पीड बढ़ जाती है. डॉक्‍टर धनवन्‍तरि के मुताबिक यहीं से अर्थराइटिस और घुटने के दर्द की शुरुआत होती है. उनके अनसुार ऋग वेद में पॉश्‍चर के बारे में जिक्र किया गया है, जिसके कई मायने हो सकते हैं. हालांकि आयुर्वेद में इस बात का जिक्र तो नहीं है कि खड़े होकर पानी नहीं पीना चाहिए लेकिन ये तो कहा ही गया है कि भोजन धीरे-धीरे करना चाहिए. धीरे खाने से खाना जल्‍दी पचता है और यही बात पानी के लिए भी लागू होती है. 

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डॉक्‍टर धनवन्‍तरि के मुताबिक, 'पानी को हवा की तरह धीरे और आराम से लेना चाहिए. तेजी से पानी पीने पर विंड पाइप और फूड पाइप में ऑक्‍सीजन की कमी हो सकती है. इसका सीधा असर दिल और गुर्दे पर पड़ता है. यही नहीं तेजी से पानी पीने के दौरान फूड पाइप में हवा का दबाव बनने लगता है. इससे हड्डियों और जोड़ों में खराबी आ जाती है. जोड़े कमजोर हो जाते हैं और उनमें दर्द होने लगता है.  खड़े होकर पानी पीने वाली बात भले ही आपको बकवास लगे, लेकिन आपको बता दें कि अगर बैठकर भी पानी तेजी से पिया जाए तो भी ये खतरनाक हो सकता है. इसलिए पानी पीने की स्‍पीड का खयाल रखें. हमेशा धीरे-धीरे आराम से ही पानी पीएं.

कुछ लोगों के लिए खड़े होकर पानी पीने से होने वाले नुकसान की बात महज एक वहम है, लेकिन कुछ लोागें के लिए यह वैज्ञानिक सच्‍चाई है. डॉक्‍टरों के मुताबिक फिट बॉडी के लिए खाने-पीने की अच्‍छी आदतें अपनाना बेहद जरूरी हैं. इसलिए ज्‍़यादा सोचिए मत और अगली बार पानी की घूंट पीने से पहले बैठन न भूलें.

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