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साथी को कैसे बताएं कि उनमें हैं कुछ बुरी आदतें...

हो सकता है कि जिस तरह आपको साथी की कुछ आदतें पसंद नहीं या उनकी कुछ आदतें आपको परेशान करती हैं, ठीक उसी तरह आपकी भी कुछ आदतें उन्हें नापसंद हों या परेशान करती हों.

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साथी को कैसे बताएं कि उनमें हैं कुछ बुरी आदतें...

साथी से उनकी इन आदतों के बारे में बात करें, जो आपको बुरी लगती हैं.

हम सबमें कुछ ऐसी आदतें होती हैं, जो अजीब होती हैं या फिर किसी दूसरे को परेशान कर सकती हैं. अपनी आदतों के साथ तो आप शुरू से ही रहते हैं, लेकिन तब क्या जब आपके साथी में भी हों कुछ ऐसी ही आदतें... ऐसे में आप उसे यह कैसे बताएंगे कि उसकी कुछ आदतें आपको पसंद नहीं या उनके व्यवहार में कुछ ऐसा है, जो आपको अनकम्फर्टेबल कर देता है या सीधे-सीधे ये कि उनकी कई अजीब और अटपटी आदतें आपको परेशान करती हैं... जैसे स्मोकिंग, आपके मेसेज पढ़ना, आपके फोन में घूरना, हर समय मूडी होना, किसी काम में आपकी मदद न करना वगैरह-वगैरह... अब अगर आप खुल कर उनसे इस बारे में बात करेंगे तो हो सकता है कि यह झगड़े को जन्म दे दे, तो चलिए हम आपको बताते हैं कि आप कैसे डील कर सकते हैं उनकी इन आदतों से.... 

बात करें: 
यह जरूरी है कि आप अपने साथी से उनकी इन आदतों के बारे में बात करें, जो आपको बुरी लगती हैं. हो सकता है कि आप उनकी इन आदतों से नाराज हो जाते हों, गुस्सा आता हो, लेकिन जब इनपर बात करें, तो गुस्से में नहीं सब्र के साथ करें. उन्हें बताएं कि किस तरह उनकी ये आदतें आप दोनों के लिए, आपके रिश्ते के लिए या फिर सिर्फ उनके लिए ही बुरी साबित होती हैं. 

फरमान न सुनाएं
जब भी आप अपने साथी से उन मद्दों या उनकी आदतों पर बात कर रहे हों, जो आपको परेशान करते हैं, तो उन्हें खुद को बदल देने का फरमान न सुनाएं. उन्हें ये न कहें कि आपमें ये आदतें बहुत बुरी हैं आज और अभी से इन्हें छोड़ दें. इसके बजाए उनसे कहें कि अगर आप अपनी इन आदतों पर काम करोगे, तो आप और बेहतर इंसान बन सकते हों. फिर देखि‍ए वह कैसे खुद को और बेहतर बनाने में जुट जाएंगे.
 
नतीजे निकालें
आप अपने साथी से क्या चाहते हैं, पहले तो इस बात को समझें. क्या आप उससे झगड़ कर परेशानी को बढ़ाना चाहते हैं. अगर नहीं, तो फिर खुद ही किसी नतीजे पर न पहुंच जाएं. उनसे बात करें और उन्हें नतीजे दिखाने या बताने कि बजाए मिलकर किसी हल को तलाशें. 

सुनने को तैयार रहें
हो सकता है कि जिस तरह आपको साथी की कुछ आदतें पसंद नहीं या उनकी कुछ आदतें आपको परेशान करती हैं, ठीक उसी तरह आपकी भी कुछ आदतें उन्हें नापसंद हों या परेशान करती हों. ऐसे में जब आप उनसे इस मुद्दे पर बात कर रहे हों, तो अपनी भी कम‍ियां या बुराईयां सुनने को तैयार रहें. पर जरूरी है कि आप उन्हें सकारात्मक रूप से लें. 

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