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कम सोने से वजन बढ़ने और मधुमेह का खतरा

ब्रिटेन की लीड्स यूनिवर्सिटी के ग्रेग पॉटर ने कहा कि वर्ष 1980 की तुलना में विश्वभर में मोटे लोगों की संख्या दोगुनी से ज्यादा हो गई है.

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कम सोने से वजन बढ़ने और मधुमेह का खतरा
क्या आप रात में भरपूर नींद ले रहे हैं? यदि ऐसा नहीं कर रहे हैं, तो आपको सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि इससे वजन के साथ-साथ मधुमेह का खतरा बढ़ सकता है. यह एक नए शोध का निष्कर्ष है. शोध का निष्कर्ष बताता है कि जो लोग रात में छह घंटे की नींद ले रहे हैं, उनकी कमर की माप, रात में नौ घंटे की नींद ले रहे लोगों की कमर से 3 सेमी ज्यादा पाई गई. कम घंटों की नींद लेने वाले लोगों में मोटापा बढ़ने के लक्षण भी पाए गए. 

शोधकर्ताओं ने कहा कि हमारे अध्ययन के नतीजे उन साक्ष्यों को मजबूत करते हैं, जिनमें अपर्याप्त नींद मधुमेह जैसे मेटाबॉलिक(चयापचय संबंधी) रोगों के बढ़ने में मदद कर सकती है.

ब्रिटेन की लीड्स यूनिवर्सिटी के ग्रेग पॉटर ने कहा कि वर्ष 1980 की तुलना में विश्वभर में मोटे लोगों की संख्या दोगुनी से ज्यादा हो गई है. मोटापा कई तरह के रोगों को बढ़ने में मदद करता है, खासकर टाइप 2 मधुमेहों को. लोगों का वजन क्यों बढ़ता है? इसकी जानकारी सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए निर्णायक है.

शोधकार्ताओं की टीम ने अध्ययन के दायरे में 1,615 वयस्कों को रखा. इनमें देखा गया कि वे कितने समय नींद लेते हैं और कितनी मात्रा में भोजन लेते हैं. इस शोध का पूरा निष्कर्ष पत्रिका 'प्लोस वन' में पढ़ा जा सकता है. 

इसके अलावा, शोध में यह भी पता चला है कि कम नींद लेने वाले लोगों में एचडीएल कोलेस्ट्रॉल के स्तर में भी कम होती है. यह एक अच्छे कोलेस्ट्रॉल के रूप में पहचाना जाता है, जो रक्तसंचार में बाधक वसा को हटाने में मदद करता है और हृदयरोग से बचाता है.


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