लॉकडाउन 3.0 में कई चीजों में राहत लेकिन मेड्स के काम पर लौटने को लेकर संशय

रेखा कहती हैं, ''कोई काम नहीं है, जो बचत थी वह भी अब खत्म हो गई है. मुझे नहीं पता कि कल से सोसाइटियां मुझे काम पर वापस बुलाएंगी या नहीं. मुझे नहीं पता कि अगर काम नहीं हुआ तो हम कैसे रह पाएंगे.''

लॉकडाउन 3.0 में कई चीजों में राहत लेकिन मेड्स के काम पर लौटने को लेकर संशय

घरेलु सहायकों के काम पर लौटने को लेकर संशय.

नई दिल्ली:

लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान सरकार ने आवश्यक और गैर आवश्यक सेवाओं में कुछ ढील देने की घोषण की है लेकिन घरेलू सहायकों (Home Workers) के काम पर लौटने को लेकर संशय बना हुआ है. केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को कुछ नए दिशानिर्देश जारी किए जिसमें आवश्यक सेवाओं और गैर आवश्यक सेवाओं में कुछ ढील दी गई है. मंत्रालय ने निवासी कल्याण संघ (आरडब्ल्यूए) से कहा है कि वह किसी बाहरी व्यक्ति को बुलाने के बारे में स्वयं निर्णय ले. 

इसके बाद कुछ आरडब्ल्यूए (RWA) ने घरेलू सहायकों को काम पर आने से मना कर दिया. बहुत से सहायकों को इस फैसले के बारे में जानकारी नहीं है. दक्षिण दिल्ली के जमरूदपुर इलाके में घरेलू सहायक बबीता राय (35) देशव्यापी बंद की घोषणा के बाद से 40 दिन से घर पर बैठीं हैं. महीने में छह हजार से दस हजार रुपए कमाने वाली बबीता के हाथ आज खाली हैं.

बबीता कहती हैं, ''किसी ने मुझे काम पर वापस आने के लिए नहीं कहा. मैं 40 दिन से घर पर बैठी हूं. मैंने फोन कर लोगों से पूछा कि क्या काम पर वापस आ सकती हूं लेकिन सब ने मना कर दिया. वहीं एक परिवार ने कहा कि मकान मालिक घरेलू सहायिका को बुलाने की इजाजत नहीं दे रहा.'' ये सिर्फ बबीता की नहीं, गाजियाबाद के वसुंधरा में काम करने वाली रेखा की भी कहानी है. 

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रेखा कहती हैं, ''कोई काम नहीं है, जो बचत थी वह भी अब खत्म हो गई है. मुझे नहीं पता कि कल से सोसाइटियां मुझे काम पर वापस बुलाएंगी या नहीं. मुझे नहीं पता कि अगर काम नहीं हुआ तो हम कैसे रह पाएंगे.'' घरेलू सहायकों की ही भांति घरों की महिलाओं को भी नहीं पता कि इन्हें काम पर आने दिया जाएगा कि नहीं.

गाजियाबाद की एक सोसाइटी में रहने वाले अनिकेत शर्मा ने कहा, ''हमें बताया गया था कि आज आरडब्ल्यूए की बैठक होगी लेकिन हमें अभी तक कुछ पता नहीं है. अगर घरेलू सहायिका को आने दिया जाए तो बहुत राहत मिलेगी, लेकिन हमें सावधानी भी बरतनी पड़ेगी''. 



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)