मध्य प्रदेश की वो आदिवासी महिला, जिनकी पेंटिंग इटली में होगी शोकेस

जोधइया के टीचर अश्विन स्वामी ने कहा, 'अपने दुख और दर्द को पीछे छोड़ जधोइया ने हमेशा पेंटिंग में ध्यान लगाया है. मैं बहुत खुश हूं कि जधोइया की पेंटिंग इटली में दिखाई जा रही है. लेकिन मुझे लगता है उसे बहुत कुछ अचीव करना बाकी है.'

मध्य प्रदेश की वो आदिवासी महिला, जिनकी पेंटिंग इटली में होगी शोकेस

पेंटिग बनाती हुई जोधइया बाई बैगा...

मध्य प्रदेश:

मध्य प्रदेश की 80 साल की आदिवासी महिला की पेंटिंग इटली में शोकेस होगी. इटली के मिलान में होने वाली प्रदर्शनी में इनकी पेंटिंग दिखाई जाएगी. इस महिला का नाम है जोधइया बाई बैगा (Jodhaiya Bai Baiga), जो कि मध्य प्रदेश के लोहरा गांव के उमरिया जिले की रहने वाली हैं.  

जोधइया ने अपने पति की मृत्यु के बाद पेंटिंग करना शुरू किया. एएनआई से बात करते हुए जोधइया ने बताया, 'मैं सभी तरह के जानवरों की पेंटिंग करती हूं, जो भी मेरे आस-पास दिखता है. मैं भारत के कई जगहों पर गई हूं. आजकल मैं पेंटिंग के अलावा और कुछ नहीं करती. मैंने 40 साल पहले अपने पति को खोने के बाद पेंटिंग शुरू की. क्योंकि मुझे मेरे परिवार को चलाने के लिए कुछ तो काम करना था.'


जोधइया ने आगे कहा, मुझे बहुत खुशी है कि मेरी पेंटिंग अब इंटरनेशनल प्लैटफॉर्म पर दिखाई जा रही है.

जोधइया के टीचर अश्विन स्वामी ने कहा, 'अपने दुख और दर्द को पीछे छोड़ जधोइया ने हमेशा पेंटिंग में ध्यान लगाया है. मैं बहुत खुश हूं कि जधोइया की पेंटिंग इटली में दिखाई जा रही है. लेकिन मुझे लगता है उसे बहुत कुछ अचीव करना बाकी है.'

आगे उन्होंने कहा, 'आदिवासी समुदाय के लिए ये बहुत ही गर्व की बात है कि बिना किसी अच्छी शिक्षा के होते हुए वो यहां तक पहुंची है. जधोइया की इस उपलब्धि से यहां मौजूद बाकी कलाकारों को भी बहुत प्रेरणा मिलेगी.'

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