नए वायरस से फैलने वाली महामारी में कई दौर में मनुष्यों को संक्रमित करने की प्रवृत्ति होती है: सरकार

सरकार ने बुधवार को लोकसभा में कहा, कि किसी नए वायरस से फैलने वाली महामारी में कई दौर में मनुष्य को संक्रमित करने की प्रवृत्ति होती है और जिन देशों में कोविड-19 पर शुरुआत में सफलतापूर्वक लगाम लगा ली गयी थी, उनमें अब फिर से अधिक मामले सामने आ रहे हैं.

नए वायरस से फैलने वाली महामारी में कई दौर में मनुष्यों को संक्रमित करने की प्रवृत्ति होती है: सरकार

नए वायरस से फैलने वाली महामारी में कई दौर में मनुष्यों को संक्रमित करने की प्रवृत्ति होती है: सरकार

नई दिल्ली:

सरकार ने बुधवार को लोकसभा में कहा, कि किसी नए वायरस से फैलने वाली महामारी में कई दौर में मनुष्य को संक्रमित करने की प्रवृत्ति होती है और जिन देशों में कोविड-19 पर शुरुआत में सफलतापूर्वक लगाम लगा ली गयी थी, उनमें अब फिर से अधिक मामले सामने आ रहे हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे (Ashwini Choubey) ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, कि भारत सरकार ने संबंधित राज्यों और जिलों में मामलों के बढ़ने के आधार पर स्वास्थ्य ढांचा उन्नत करने तथा रोकथाम के लिए कड़े कदम उठाने की सलाह राज्यों को दी है. उनसे पूछा गया था कि क्या सरकार ने भारत में सर्दियों के मौसम में कोविड-19 (Covid 19) के प्रकोप के दूसरे दौर का पूर्वानुमान लगाया है और क्या इसके लिए तैयारी की है. इसके जवाब में चौबे ने कहा, ‘‘किसी नए वायरस से फैलने वाली महामारी में कई दौर में मानव जाति को संक्रमित करने की प्रवृत्ति होती है और यह हर बार अतिसंवेदनशील आबादी के एक वर्ग को संक्रमित करती है.''

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उन्होंने कहा, ‘‘कुछ देशों में जहां कोविड-19 के प्रकोप पर शुरुआत में सफलतापूर्वक रोकथाम लगा ली गयी थी, वहां अब फिर से अधिक मामले आ रहे हैं.'' एक अन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में चौबे ने भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के एक सर्वेक्षण के हवाले से कहा, कि भारतीय कंपनियां हर महीने आरटी-पीसीआर जांच की करीब 3.48 करोड़ कॉम्बो किट का उत्पादन कर सकती हैं, जिससे देश में रोजाना करीब 11.35 लाख आरटी-पीसीआर जांच की क्षमता विकसित हुई है. स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने एक अन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, कि सरकार ने अभी तक निजी सुरक्षा उपकरणों (पीपीई) किट के कुल 1,100 स्वदेशी उत्पादक तैयार किये हैं. इनमें से अधिकतर एमएसएमई क्षेत्र के हैं.



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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