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Popcorn Day: सजाने के लिए होता था इनका इस्तेमाल, नहीं था मालूम कि खाए जाते हैं

बिना मक्खन वाले पॉपकॉर्न में 1,030 कैलोरीज़ और 41 ग्राम फैट होता है. इसीलिए बिना तेल और मक्खन वाले पॉपकॉर्न सेहत को नुकसान नहीं पहुंचाते.

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Popcorn Day: सजाने के लिए होता था इनका इस्तेमाल, नहीं था मालूम कि खाए जाते हैं

Popcorn Day: टाइप पास करने वाले पॉपकॉर्न का पहले ऐसे होता था इस्तेमाल

खास बातें

  1. 4 हज़ार साल पहले हुई पॉपकॉर्न की खोज
  2. पॉपकॉर्न मशीन को शिकागो में चार्ल्स क्रेटर ने खोजा
  3. 200 डिग्री सेल्यियस की गर्मी पर फूटते हैं दानें
नई दिल्ली: मूवी हॉल से लेकर शाम के स्नैक्स तक, हर कोई पॉपकॉर्न का दीवाना है. अमेरिका में इसके लिए लोग क्रेज़ी हैं, लेकिन भारत में भी इसका क्रेज़ कम नहीं है. यहां भी लोग पॉपकॉर्न को उतना ही पसंद करते हैं. आज पॉपकॉर्न डे पर जानिए कि आखिर यह कहां से आए? किसने इनका स्वाद सबसे पहले चखा? और किस देश से हुई पॉपकॉर्न की शुरूआत.  

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कब और कहां हुई पॉपकॉर्न की खोज?
लगभग 4 हज़ार साल पहले न्यू मैक्सिको के वेस्ट सेंट्रल की चमगादड़ से भरी गुफा में मिले थे. उस वक्त किसी को मालूम नहीं था कि इन्हें खाया जाता है. इसके आकार और ठोसता के चलते इसे सजाने के काम में लाया जाता था. इससे सिर और गले की एक्सेसरीज़ बनाई जाती थी. कई सालों बाद पाया गया कि इसे खाया भी जाता है. 

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कब बनने शुरू हुए पॉपकॉर्न?
वैसे तो इन्हें छोटी मात्रा में घर के स्टोव पर छोटे बर्तनों में बनाया जाता था. लेकिन बाज़ारों के लिए इसे बनाने की शुरूआत 1885 में हुई. इसी साल पॉपकॉर्न मशीन को शिकागो में चार्ल्स क्रेटर ने खोजा.  

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भुट्टे के दानों से नहीं मिला पॉपकॉर्न
आजकल बाज़ारों में मिलने वाले पॉपकॉर्न बेशक मक्के या भुट्टे के दानों से बने हों, लेकिन पहले यह इससे नहीं बने थे. बल्कि यह मक्के पॉपकॉर्न के दानों की एक खास नस्ल है. 
 
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कैसे बनते हैं पॉपकॉर्न?
इसके दानों की ऊपरी परत आम भुट्टों के दानों से चार गुना मोटी होती है. जिन्हें 200 डिग्री सेल्सियस की गर्मी पर बनाया जाता है. इसी तापमान पर दाने फुटते हैं. 

कैंसर का बन सकते हैं कारण
आजकल वक्त को बचाने के लिए पैकेट पॉपकॉर्न आ गए हैं. इसे बस माइक्रोवेव में रखें और कुछ ही मिनट में गरमा-गरम पॉपकॉर्न तैयार. लेकिन ये पैकेट वाले पॉपकॉर्न फेफड़ों के कैंसर का कारण बनते हैं. माइक्रोवेव में जब ये पैकेट गरम होता है तो कई तरह के कैमिक्लस छोड़ता है, जो पैकेट में अंदर मौजूद ऑयल या मक्खन और पॉपकॉर्न में मिलकर फेफड़ों को कमज़ोर करते हैं.     

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कितना है सेहत के लिए अच्छे 
बिना मक्खन वाले पॉपकॉर्न में 1,030 कैलोरीज़ और 41 ग्राम फैट होता है. इसीलिए बिना तेल और मक्खन वाले पॉपकॉर्न सेहत को नुकसान नहीं पहुंचाते. बल्कि फाइबर से भरे ये पॉपकॉर्न सही डाइट के साथ खाने पर वज़न घटाने में मदद भी करते हैं. 

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