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Sexual Abuse से अपने बच्‍चे को बचाने के लिए अपनाएं ये 7 टिप्‍स

आप अपने बच्‍चों को कुछ ऐसी बातें बता सकते हैं जो उन्‍हें मजबूत बनाने के साथ ही उन्‍हें ये भी बताएंगी कि अगर वे किसी मुसीबत में पड़ जाएं तो उन्‍हें क्‍या करना चाहिए.

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Sexual Abuse से अपने बच्‍चे को बचाने के लिए अपनाएं ये 7 टिप्‍स

प्रतीकात्मक फोटो

खास बातें

  1. बच्‍चों का यौन उत्‍पीड़न दुर्भाग्‍यपूर्ण जरूर है, लेकिन असामान्‍य नहीं
  2. बच्‍चों को यौन उत्‍पीड़न से बचाने के ल‍िए कुछ बातें समझाना जरूरी है
  3. बच्‍चों को गुड टच और बैड टच के बारे में जरूर बताएं
नई द‍िल्‍ली :

क्‍या आपका बच्‍चा दर्द से कराहता हुआ घर वापस आता है, उसकी आंखों में आंसू हैं और वह चुपचाप घर के कोने में बैठ जाता है? क्‍या आपका बच्‍चा घर के बाहर किसी से डरता है? सावधान हो जाइए! शायद आपका बच्‍चा यौन उत्‍पीड़न का श‍िकार है. ऐसा ही कुछ एक चार साल की बच्‍ची के साथ स्‍कूल में हुआ है. बच्‍ची के साथ पढ़ने वाले एक बच्‍चे ने उसके अंडरव‍ियर में अपनी अंगुली डाली और फिर उसने पेंसिल छीलकर उसे भी उसके अंदर डाल दिया. बच्‍ची की मां का कहना है कि इससे बच्‍ची को गहरा घाव हो गया है. 

स्‍कूल में चार साल की बच्‍ची के साथ यौन छेड़छाड़

बच्‍चों का यौन उत्‍पीड़न भले ही असामान्‍य लगे, लेकिन ऐसा है नहीं. यह दुर्भाग्‍यपूर्ण जरूर है, लेकिन असामान्‍य नहीं है. आप जितना सोच भी नहीं सकते उससे भी ज्‍यादा मामले ऐसे हैं जो सीधे तौर पर बच्‍चों के यौन उत्‍पीड़न से जुड़े हुए हैं. यह बहुत दुखद है कि कुछ लोग अपनी काम वासना पर नियंत्रण नहीं कर पाते और बच्‍चों को अपना श‍िकार बना लेते हैं. और इससे बुरी बात क्‍या हो सकती है कि इस विकृति की कोई उम्र नहीं है. चार साल की वो बच्‍ची अपने ही क्‍लासमेट की विकृति का श‍िकार हुई. जिस चार साल के लड़के ने यह सब किया उसकी उम्र ही क्‍या है. 

इसमें भी जो सबसे खराब बात है वो ये है कि उन डरे हुए बच्‍चों को तो यह भी नहीं मालूम है कि उनके साथ हो क्‍या रहा है और उन्‍हें इसके बारे में किससे बात करनी चाहिए. हो सकता है कि आपका बच्‍चा जिंदगी के सबसे कड़वे अनुभव से गुजर रहा है और आपको उसक बारे में पता भी नहीं है. यौन उत्‍पीड़न वो जोंक है जो बच्‍चों का बचपन उजाड़कर उनका सामना दुनिया के अंधेरे पहलुओं से करा रही है. आप दुनिया की इन अंधेरी गलियों को गायब नहीं कर सकते, लेकिन आप इसके खतरे को कुछ कम जरूर कर सकते हैं. आप अपने बच्‍चों को कुछ ऐसी बातें बता सकते हैं जो उन्‍हें मजबूत बनाने के साथ ही उन्‍हें ये भी बताएंगी कि अगर वे किसी मुसीबत में पड़ जाएं तो उन्‍हें क्‍या करना चाहिए. यहां पर हम आपको ऐसी कुछ टिप्‍स दे रहे हैं जो इस तरह की दरिंदगी से आपके बच्‍चों की रक्षा करेंगी:


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1. बच्‍चे की दिनचर्या जानें 
अपने बच्‍चे से बातचीत करें. बच्‍चे को बोलने के लिए प्रोत्‍साहित करें और उससे पूछें कि उसने दिन भर क्‍या-क्‍या किया. उनके साथ बैठें, बातें करें क्‍योंकि उन्‍हें कई बार अंदाजा नहीं होता है कि उनके साथ कुछ गलत हो रहा है. वो शायद इतने समझदार न हों कि इन गलत बातों के बारे में समझ सकें लेकिन आप तो समझदार हैं. है न?

2. बच्‍चों को उनके शरीर के बारे में बताएं 
बच्‍चों को उनके बॉर्डी पार्ट्स के बारे में बताएं. अगर ज्‍यादा डिटेल में नहीं बता सकते तो कम से कम ये जरूर बताएं कि शरीर के कौन से हिस्‍से बेहद प्राइवेट होते हैं, जिन्‍हें कोई नहीं छू सकता.

3. ताकि बच्‍चे आप से बात करें
अपने बच्‍चों से कह‍िए कि वो आपके पास आकर बात करें. बच्‍चों के साथ मजबूत कम्‍यूनिकेशन बनाना बेहद जरूरी है ताकि वे आपसे बात कर सकें. उन्‍हें स‍िखाइए कि वे आपसे बातें छिपाएं नहीं और जानने के बाद आप गुस्‍सा होने के बजाए खुश होंगे. आप उन्‍हें भरोसा दिलाइए कि आप उनकी मदद करेंगे और उन्‍हें सुरक्षा देंगे. 

4. सही-गलत की पहचान 
बच्‍चों को बताइए कि किस तरह का बर्ताव गलत है और उसके बारे में किसी बड़े को जल्‍द से जल्‍द बताना चाहिए. हालांकि यौन उत्‍पीड़न जननांगों के अलावा होंठ, टांगें, गरदन और यहां तक कि बांहों तक ही सीमित नहीं है, लेकिन इनके बारे में बताकर आप शुरुआत तो कर ही सकते हैं. उन्‍हें बताइए कि किस तरह का टच सही और किस तरह का बर्ताव बिलकुल भी बर्दाश्‍त नहीं किया जा सकता और उसके बारे में जितना जल्‍दी हो सके आपको बताना है. 

5. बच्‍चों को सिखाएं प्‍यार जताने का तरीका
कई बार आप जिस तरह से अपने बच्‍चे को लाड़ करते हैं वैसे ही यौन हमलावर भी करते हैं. जैसे कि जब आप थोड़ी थकान महसूस करते हैं या परेशान होते हैं तो आप अपने बच्‍चे से आपको किस और हग करने के लिए कहते हैं. इससे आपका बच्‍चा यह समझने लगता है कि जब कोई दुखी होता है तो उसे खुश करने के लिए यही किया जाता है. इसी तरह का रवैया हमलावर आपके बच्‍चे पर भी आजमा सकता है. ऐसे में आपको अपने ढंग से बच्‍चों को प्‍यार जताने का तरीका सिखाना होगा. 

6. खतरनाक है सीक्रेट फैक्‍टर
ज्‍यादातर यौन हमलावर इसे दो लोगों के बीच का सीक्रेट कहते हैं और इसके बारे में किसी को भी बताने से मना कर देते हैं. आप अपने बच्‍चों को सिखाइए कि कोई भी बात मम्‍मी-पापा से नहीं छिपानी चाहिए. उन्‍हें बताइए कि इस तरह की सीक्रेट बातें छिपाना खतरनाक हो सकता है. 

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7. किन लोगों पर भरोसा करें बच्‍चे
अपने बच्‍चों को बताइए कि वे किन लोगों पर भरोसा कर सकते हैं और किनसे उन्‍हें दूर रहना है. लेकिन इससे भी जरूरी उन लोगों का चुनाव करना आपकी जिम्‍मेदारी है. आपका बच्‍चा जिस स्‍कूल में जाता है, जो टीचर आपके बच्‍चे को देखती है, जो बेबीसिटर आपके बच्‍चे की देखभाल करता है और यहां तक कि हर वो आदमी जो किसी न किसी रूप में आपके बच्‍चे से जुड़ा हुआ, उसका चुनाव करते समय बेहद सावधानी बरतें ताकि उस पर आप भरोसा कर सकें.

देखा जाए तो हमारे बच्‍चे कहीं भी सुरक्ष‍ित नहीं हैं, चारों ओर ही दरिंदे हैं. ऐसे समय में जरूरी है कि आप अपने बच्‍चे के साथ ताकतवर बॉन्‍ड बनाएं और इन सब का सामना करने के लिए उन्‍हें मजबूत बनने में उनकी मदद करें. याद रखिए आपके बच्‍चे का दरिंदा चार साल का क्‍लासमेट भी हो सकता है. 
 
VIDEO: 'बच्‍चे परिवार के बीच भी सुरक्ष‍ित नहीं हैं'


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