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गर्भावस्था के दौरान हर औरत को झेलनी पड़ती हैं ये 4 बेतुकी सलाहें...

एक नजर ड़ालते हैं उन बेतुकी सलाहों पर जो इस दौरान ज्यादातर गर्भव‍ती महिलाओं को सुननी ही पड़ती हैं. कुछ गर्भव‍ती महिलाएं इन पर यकीन करती हैं, तो कुछ बेबस सी बस हंस कर हां हां कर देती हैं... 

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गर्भावस्था के दौरान हर औरत को झेलनी पड़ती हैं ये 4 बेतुकी सलाहें...

खास बातें

  1. ज्यादातर गर्भव‍ती महिलाओं को सुननी ही पड़ती हैं बेतुकी सलाह.
  2. बच्चे का रंग कैसा होता है यह बात पूरी तरह उसके जीन पर निर्भर करती है.
  3. सलाह के मुताबिक घी या चिकनी चीजें खाने से डिलीवरी जल्दी हो जाती है.
गर्भावस्था हर महिला के जीवन में आने वाला वह समय है, जो उसे जितनी खुशी देता है तकलीफ भी उतनी ही देता है. एक ओर जहां वह अपना संसार बदल जाने के ख्यालों और प्लानिंग में लगी होती है, वहीं दूसरी तरफ शरीर और मूड में हो रहे बदलाव उसे परेशान और विचलित भी करते रहते हैं. एक बार अपने गर्भवती होने की खबर को सब तक पहुंचाने के बाद, जो एक नई मुसिबत आती है, वह होती है बेसिर-पैर की बेतुकी सलाहों की. हमारे समाज में गर्भावस्था से जुड़े इतने मिथ हैं कि उन्हें एक ही बार में समझ पाना या सुलझा पाना अपने आप में एक बड़ी पहेली है. एक नजर ड़ालते हैं उन बेतुकी सलाहों पर जो इस दौरान ज्यादातर गर्भव‍ती महिलाओं को सुननी ही पड़ती हैं. कुछ गर्भव‍ती महिलाएं इन पर यकीन करती हैं, तो कुछ बेबस सी बस हंस कर हां हां कर देती हैं... 

लड़का होगा या लड़की
इस टॉपिक पर सबसे ज्यादा सलाह दी जाती हैं और सबकी सब बेतुकी. कभी पेट का आकार देखकर, तो कभी गर्भवती के चेहरे की रंगत को देखकर कुछ महिलाएं यह बताने का दावा करती हैं कि उसके पेट में पल रहा बच्चा लड़का है या लड़की. इतना ही नहीं कुछ महिलाओं को तो गर्भधारण के कुछ शुरुआती तीन महीनों के भीतर नारियल के बीच और जाने क्या क्या खाने के लिए दिया जाता है यह कहकर की ऐसा करने से लड़का ही होगा. 

गोरे बच्चे के लिए उपाय
यह एक ऐसा विषय है, जिस पर हर गर्भवती को सलाह दी जाती है. कुछ कहते हैं कि नारियल पानी पीने से गर्भ में पलने वाले बच्चे का रंग गोरा होगा, तो कुछ का कहना है कि सुबह उठते ही सफेद चीज खाओ. कुछ कहते हैं कि दूध और दही ज्यादा लेने से बच्चे का रंग गोरा होगा. जबकि बच्चे का रंग कैसा होता है यह बात पूरी तरह उसके जीन पर निर्भर करती है. गर्भव‍ती के खानपान से इसका कोई सरोकार ही नहीं.

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घी खाने से होगी नॉर्मल डिलीवरी
अक्सर गर्भवती महिला को आठवें महीने के बाद घी या चिकनी चीजे खाने की सलाह दी जाती है. और इस सलाह के पीछे का फायदा यह बताया जाता है कि ऐसा करने से नॉर्मल डिलीवरी होती है और इस दौरान दर्द भी कम होता है. सलाह के मुताबिक घी या चिकनी चीजें खाने से डिलीवरी जल्दी हो जाती है. जबकि सच तो यह है कि घी, मक्खन या ऐसे ही वसायुक्त आहार से शरीर में कैलोरी की मात्रा बढ़ जाती है, जिसे बाद में कम करना काफी मुश्क‍िल होता है.
दो लोगों के लिए खाना है

सुंदर तस्वीर
जैसे ही घर में खुशखबरी आती है, गर्भवती की नजरों के सामने एक सुंदर से बच्चे की तस्वीर टांग दी जाती है. यह एक अच्छी बात है कि सभी घर के सदस्य इस बात से खुश हैं, लेकिन तस्वीर लगाने के पीछे की सलाह बेतुकी है. क्योंकि कहा जाता है कि जिनते सुंदर बच्चे की तस्वीर गर्भवती रोज देखेगी बच्चा उतना ही खूबसूरत होगा. जबकि ऐसा कुछ नहीं. बच्चे का रंग-रूप कैसा होता है यह बात पूरी तरह उसके जीन पर निर्भर करती है.


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